रांची : शहर की सड़कों से पूरी तरह गायब हो चुकी स्टॉप लाइन के कारण प्रतिदिन 100 से अधिक लोग जुर्माने की मोटी रकम भरने को विवश हैं. गायब हो चुकी लाइनों के रंगरोगन के लिए ट्रैफिक एसपी ने छह दिसंबर को नगर आयुक्त को पत्र भेजा था, लेकिन आचार संहिता का हवाला देते हुए निगम के अधिकारियों ने ऐसा नहीं करवाया.
इधर, इन कुंडलीमार अधिकारियों द्वारा की गयी करामात का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है. उन्हें लाइन में खड़े होकर जुर्माना भरना पड़ रहा है. एक सप्ताह बाद रंग रोगन का काम शुरू होगा.
छह दिसंबर को ट्रैफिक एसपी ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा. लेकिन आचार संहिता का हवाला देकर निगम ने रंग-रोगन नहीं करवाया. मतगणना 23 दिसंबर 2019 को संपन्न हो गयी. इसके दो दिन बाद पूरे राज्य से आचार संहिता हटा ली गयी. लेकिन अधिकारी फिर भी नींद से नहीं जागे.
अब नौ जनवरी को निगम ने चौक-चौराहों में स्टॉप लाइन व जेबरा क्रॉसिंग के रंगरोगन के लिए टेंडर निकाला है. टेंडर को फाइनल होने में एक सप्ताह लगेगा. यानी अगले आठ दिनों तक लोग फिर से गायब हो चुकी स्टॉप लाइन के कारण फाइन देने के लिए विवश होंगे.
खबर छपी तो हरकत में आया निगम
पिछले दो दिनों से चौक-चौराहों में फैली अव्यवस्था का समाचार जब प्रभात खबर में प्रकाशित हुआ, ताे नगर निगम हरकत में आया. चौक-चौराहों में रंगाई-पुताई कार्य के एजेंसी चयन के लिए निगम ने टेंडर जारी किया.