युवकों के बीच में शराब के नशे में हुई मारपीट को अलग रंग देने की कोशिश की गयी
रांची : कांके थाना के समीप लक्ष्मण महतो चौक के पास युवकों के बीच मारपीट की घटना शराब के नशे में रविवार की शाम करीब पांच बजे हुई थी. मारपीट के बाद दो पक्ष के बीच विवाद बढ़ गया. लेकिन पूरा मामला देर रात करीब 10 बजे शांत हुआ. इस बीच कांके थाना से लेकर लक्ष्मण महतो चौक पांच घंटे तक रणक्षेत्र बना रहा.
इससे पहले स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस लाइन से कांके थाना की पुलिस को अतिरिक्त बल मंगवाना पड़ा. मदन महतो पर हमला करनेवालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर बैठी स्थानीय महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज का आक्रोशित लोगों ने विरोध किया. पुलिस पर यह आरोप लगाते हुए महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों को बुलाना चाहिए था.
इधर मदन कुमार महतो पर जानलेवा हमला को लेकर कांके थाने में लिखित शिकायत की गयी है. इसमें पुलिस को शिकायतकर्ता ने बताया है कि स्व लक्ष्मण महतो की प्रतिमा को कुछ लोग तोड़ रहे थे, जिसे कदमा गांव निवासी मदन महतो ने रोकने का प्रयास किया, तो मदन महतो के सिर पर फरसा से जानलेवा हमला किया गया.
घटना के बाद कुछ लोगों ने बंदूक से फायरिंग भी की. हमला करने का आरोप गोलू सिंह, आशीष सिंह, विवेक सिंह, चंकी यादव, रीतिक यादव, गिरिजा सिंह, अमित यादव, शंभु यादव, अरुण मंडल, सुबोध, कृष्णा और राजा सहित अन्य लोगों पर लगाया गया है. वहीं दूसरी ओर आशीष सिंह के आवासीय परिसर पर टिंबर में आग लगाने की घटना को लेकर थाने में लिखित शिकायत की गयी है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि टिंबर में आग लगने की वजह से उनके घर को नुकसान हुआ है. वहीं आशीष ने पुलिस को यह जानकारी दी है कि घटना के दौरान उसके परिवार के सदस्यों को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया. हालांकि मामले में कांके थाना प्रभारी विनय सिंह का कहना है कि एेसी कोई बात नहीं है.
आग लगने की घटना के बाद आशीष के बच्चे और परिवार के लोग अत्यधिक धुआं होने की वजह से कमरे में फंस गये थे. जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल उन्हें बचा कर बाहर निकाला. मदन महतो के समर्थक इसलिए भी आक्रोशित थे, क्योंकि जब वे पुलिस को साथ लेकर चौक पहुंचे. तब वहां पहले से फरसा और तलवार से लैस लोगों ने उन पर हमला कर दिया. लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.
कांके पुलिस की मौजूदगी में कांग्रेस नेता पर हमले के कारण आक्रोशित थे स्थानीय लोग
विवाद की जानकारी थी, लेकिन नहीं की कार्रवाई
स्थानीय लोगों के अनुसार चौक पर दावेदारी के विवाद की जानकारी पहले से कांके पुलिस के पास थी. लेकिन पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. स्थानीय लोगों के अनुसार दो जनवरी को दोनों पक्ष के बीच सबसे पहले विवाद हुआ था.
ऐसे यह विवाद पिछले तीन-चार साल से चल रहा है. तीन जनवरी को दोबारा शिलापट्ट लगाने की वजह से स्वर्गीय लक्ष्मण महतो की प्रतिमा के नीचे लिखे जय श्री राम ढक जाने की वजह से विवाद शुरू हुआ था. इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस के पास थी. लेकिन पुलिस ने मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की. जबकि घटना स्थल थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर है.
धार्मिक और राजनीतिक रूप देने की कोशिश
विवाद के पीछे एक पक्ष के लोग कांग्रेस से थे. जबकि दूसरा पक्ष आरएसएस से जुड़ा होने की वजह से भाजपा समर्थित रहा था. दोनों पक्ष के लोग चौक पर अपनी-अपनी दावेदारी चाहते थे. जिसके कारण पूर्व के वर्षों से दोनों के बीच विवाद चल रहा है. लेकिन पिछले तीन साल से दोनों पक्ष के लोग एक साथ स्वर्गीय लक्ष्मण महतो की जयंती मनाते रहे थे.
लेकिन जय श्री राम का नारा ढक जाने की वजह से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. रविवार की शाम शराब के नशे में युवकों के बीच मारपीट हुई थी. विवाद से जुड़े दोनों पक्ष के लोग अलग- अलग राजनीतिक दल के समर्थक थे. जिसके बाद बाद में इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश होने लगी.
