ग्राम प्रधान अपहरण मामला : छोड़ने के लिए मांगे थे एक करोड़

2014 में भी किया गया था ग्राम प्रधान का अपहरण नामकुम : सोगोद के ग्राम प्रधान संदीप सुंडिल का अपहरण शुक्रवार को किया गया था. हालांकि शनिवार को पुलिस ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया. संदीप का 2014 में भी अपहरण किया गया था. लेकिन उस वक्त वे किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग […]

2014 में भी किया गया था ग्राम प्रधान का अपहरण
नामकुम : सोगोद के ग्राम प्रधान संदीप सुंडिल का अपहरण शुक्रवार को किया गया था. हालांकि शनिवार को पुलिस ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया. संदीप का 2014 में भी अपहरण किया गया था. लेकिन उस वक्त वे किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकले थे. इधर, पुलिस के अनुसार पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण अपहरणकर्ता उन्हें जंगल में छोड़कर भाग गये.
दूसरी अोर क्षेत्र में चर्चा है कि परिजनों ने पैसे देकर ग्राम प्रधान को अपहरणकर्ता से मुक्त कराया है. वैसे ग्राम प्रधान के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने पहले एक करोड़ की फिरौती मांगी. संदीप ने इतने पैसे नहीं होने की बात कही तो 10 लाख रुपये की मांग की गयी.
नक्सल प्रभावित क्षेत्र से मिले ग्राम प्रधान : पुलिस ने संदीप सुंडिल को नामकुम व दशम फॉल थाना क्षेत्र से सटे हुआंगहातु के हुसीरहातु जंगल से बरामद किया है. बुंडू, खुंटी और नामकुम सीमा से सटे होने के कारण उक्त जंगल नक्सलियों के लिए सुरक्षित माना जाता रहा है.
आठ की संख्या में आये थे अपराधी: ग्राम प्रधान संदीप ने बताया कि शुक्रवार को गांव में किसी का देहांत हो गया था. शाम में अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद वे घर चले गये थे. लगभग साढ़े सात बजे सात-आठ युवक उनके घर आये. सभी के चेहरे ढंके हुए थे.
अपराधियों ने उनसे कहा कि कुछ बात करनी है, चलो. उसके बाद उन्हें पैदल ही जंगल की ओर ले जाने लगे. ग्राम प्रधान की पत्नी भी कुछ दूर तक पीछे-पीछे गयी थीं. लेकिन जंगल में अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी ग्राम प्रधान को लेकर आगे निकल गये, तो उनकी पत्नी लौट आयी
ग्राम प्रधान के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने उनकी आंखों पर पट्टी और दोनों हाथ बांध दिये थे और रात भर चलाते रहे. शनिवार सुबह भी उन्हें जंगल में चलाते रहे. इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ की फिरौती मांगी. संदीप ने इतने पैसे नहीं होने की बात कही तो 10 लाख रुपये की मांग की. अपहरणकर्ता ग्राम प्रधान के मोबाइल से लगातार पंचायत के एक जनप्रतिनिधि से संपर्क कर पैसे जुगाड़ करने को कह रहे थे. लगभग दिन के दो बजे ग्राम प्रधान ने भूख लगने की बात कही तो उन्हें खाने के लिए ब्रेड व पानी दिया.
इसके बाद लगभग साढ़े तीन बजे पुलिस को आते देख सभी अपहरणकर्ता जंगल की और भाग निकले. पुलिस के अनुसार जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान चार अपहरणकर्ताओं ने ग्राम प्रधान का हाथ पांव बांध कर बैठा रखा था. पुलिस के आने की सूचना पर चारों अलग-अलग दिशा में फरार हो गये

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >