साझा मंच. बारिश के बावजूद काफी संख्या में जुटे लोग
रांची : साझा मंच के तत्वावधान में गुरुवार को नागरिकता कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) व राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ मोरहाबादी में गांधी प्रतिमा के सामने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया. बारिश के बावजूद काफी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर विरोध दर्ज कराया. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि केंद्र सरकार सीएए को थोपना चाहती है, इसे स्वीकार नहीं करेंगे.
अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन
सामाजिक कार्यकर्ता बलराम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया सीएए पूरी तरह से गैर संवैधानिक है. यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन है. राज्य में हमारा जल, जंगल, जमीन और हमारी संस्कृति ही हमारी नागरिकता है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में मॉब लिंचिंग और जल, जंगल, जमीन पर हमले हुए हैं. हम सब उसकी घोर निंदा करते हैं. इन सभी नागरिक विरोधी नीतियों का यहां की जनता विरोध करती रही है और आगे भी विरोध करते रहेगी.
जनता ने करारा जवाब दिया : सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध करने वाले लोगों पर सरकार द्वारा देशद्रोह का मुकदमा किया गया और यहां नफरत को बढ़ावा दिया गया, लेकिन यहां की जनता ने विधानसभा चुनाव में इसका करारा जवाब दिया है. अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष इबरार अहमद ने कहा, बीजेपी और आरएसएस भारत की एकता, अखंडता और भाईचारे को तोड़ना चाहती हैं. सामाजिक कार्यकर्ता अशोक वर्मा, अफजल अनीस, आप के राजन सिंह, डॉ हसन रजा, खालिद खलील,जियाउल्लाह सहित अन्य वक्ताअों ने कहा कि हमलोग भाजपा के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे अौर भाईचारा व एकता को बनाये रखेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता रतन तिर्की ने की. आयोजन में विभिन्न संगठनों के अलावा झारखंड छात्र मोर्चा, एपीसीआर झारखंड, अंसारी महापंचायत, मुस्लिम यूथ फोरम, ईसाई महासंघ, अंजुमन इस्लामिया, एनएपीएम, एआइएसएफ, उलगुलान सेना, जनवादी लेखक संघ, यूनाइटेड और सपोर्ट, इप्टा के प्रतिनिधि, विद्यार्थी और महिलाएं शामिल थे.
मौके पर हाजी मोख्तार अहमद, मौलाना अोबेदुल्लाह कासमी, हसन रजा, पल्लवी प्रतिभा, विवेक कुमार, शाहिद अख्तर टुकलू, पवन पांडेय, जाहिद, शमीम अली, खलील आदि शामिल हुए. मंच की अोर से आठ जनवरी को राजभवन के समीप धरना दिया जायेगा . इसके अलावा 23, 26 और 30 जनवरी को भी धरना का कार्यक्रम है.
