Ranchi Crime News, रांची (अमन तिवारी की रिपोर्ट): राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता ने गुरुवार को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पति आफताब आलम पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने, मारपीट करने और तीन तलाक की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी ससुराल वालों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है.
शादी के बाद शुरू हुआ दहेज का अंतहीन सिलसिला
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसका निकाह वर्ष 2019 में आफताब आलम के साथ हुआ था. सुखद वैवाहिक जीवन की उम्मीदों के विपरीत, शादी के कुछ समय पश्चात ही ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आने लगा. आरोप है कि पति और उनके परिजनों ने पांच लाख रुपये नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल मायके से लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब पीड़िता के परिजनों ने यह मांग पूरी करने में असमर्थता जताई, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का दौर शुरू हो गया.
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दो बेटियों के जन्म पर तिरस्कार और जानलेवा हमला
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि शादी के बाद जब उसने दो बेटियों को जन्म दिया, तो ससुराल वालों का व्यवहार और भी अधिक क्रूर हो गया. पुत्र की चाहत रखने वाले ससुराल पक्ष ने बेटियों के जन्म को लेकर उसे लगातार ताने दिए और घर में उसे अपमानित किया जाता रहा. पीड़िता के अनुसार, करीब दो माह पूर्व विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और तीन तलाक देने की धमकी दी. पीड़िता का यह भी गंभीर आरोप है कि ससुराल वालों ने उसकी जान लेने का प्रयास भी किया था.
मायके में शरण और पुलिसिया कार्रवाई
ससुराल में बढ़ती असुरक्षा के बीच महिला किसी तरह अपनी दोनों मासूम बेटियों को लेकर वहां से निकलने में सफल रही और अपने मायके पहुंची. मायके में परिजनों को आपबीती सुनाने के बाद उनके सहयोग से पीड़िता ने हिंदपीढ़ी थाने में मामला दर्ज कराया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके.
