रांची : रांची विवि की लेटलतीफी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. विवि ने सितंबर में पीएचडी इंट्रेस टेस्ट का आयोजन किया. इसके बाद विवि की वेबसाइट पर माॅडल आंसर अपलोड किया गया. इसपर कई विद्यार्थियों ने आपत्ति दर्ज करायी. तब विवि ने संबंधित विषयों की आपत्ति पर पीजी विभागों से सही आंसर मांगा. अब शनिवार (21 दिसंबर) को विवि की वेबसाइट पर फाइनल आंसर-की अपलोड किया जायेगा. वहीं, जनवरी के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट जारी करने की संभावना जतायी जा रही है.
हालांकि अब भी रिजल्ट की तिथि घोषित नहीं होने से संशय बरकरार है. दूसरी आेर, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि ने एक दिसंबर को पीएचडी इंट्रेस टेस्ट का आयोजन किया. इसमें 117 विद्यार्थी शामिल हुए थे. विवि की ओर से ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया. इस कारण परीक्षा समाप्त होने के एक घंटे बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया गया. विवि के इस कदम की जहां हर आेर तारीफ हो रही है, रांची विवि की लेटलतीफी के कारण छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
रांची विवि में तय नहीं है पीएचडी सीटों की संख्या : रांची विश्वविद्यालय कभी भी पीएचडी में सीटों की संख्या तय नहीं करता है. इसके बिना ही हर बार पीएचडी इंट्रेस टेस्ट लिया जाता है. इस बार सितंबर में हुए पीएचडी इंट्रेस में अलग-अलग विषयों के कुल 3386 विद्यार्थी शामिल हुए थे. लेकिन विवि ने किस विषय में कितनी सीटें हैं, यह तय नहीं किया. इस कारण रिजल्ट जारी होने के बाद विद्यार्थियों को गाइड मिलने में परेशानी होती है.
हमने पहले आंसर मॉडल अपलोड किया था. इस पर आपत्ति आयी. उसे सुधार कर शनिवार को फिर से अपलोड किया जायेगा. अगर कोई आपत्ति नहीं आती है तो जनवरी के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जायेगा.
डॉ राजेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक
