कर्रा : पीएलएफआइ के पूर्व उग्रवादी अनिल हेरेंज को रेलवे के ठेकेदार से 20 हजार रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
वह आठ माह बाद जेल से निकला था. जेल से छूटने के बाद अलग संगठन बना कर ठेकेदारों से रंगदारी की मांग कर रहा था. उसने साहिल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ठेकेदार से रंगदारी मांगी थी. एसडीपीओ तोरपा ओमप्रकाश तिवारी व इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सूचना मिली थी कि रेलवे ठेकेदार से रंगदारी मांगनेवाले लोग अपने-अपने घर आये हैं.
उनकी गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी मुन्ना कुमार सिंह के नेतृत्व में घेराबंदी की गयी. जिसमें अनिल हेरेंज को गिरफ्तार करने में सफलता मिली. ठेकेदार से अनिल हेरेंज, नरेश स्वांसी उर्फ टकला, सूरज व एक अन्य ने रंगदारी की मांग की थी.
छापेमारी की भनक लगते ही तीन लोग भाग निकले. छापेमारी दल में थाना प्रभारी मुन्ना कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक बलराम सिंह, सुधीर कुमार सिंह, हवलदार राजकुमार सिंह, भरत भूषण, रमेश चंद्र दिवाकर, जलालुद्दीन अंसारी व सशस्त्र बल शामिल थे.
