रांची : चेशायर होम रोड स्थित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रदेश कार्यालय में रामगढ़ जिला अध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने जमकर हंगामा किया. कार्यालय प्रभारी को बंधक बना कर उनके साथ अभद्रता की.
जब दूसरे नेताओं ने मामले में हस्तक्षेप किया, तब जाकर मामला शांत हुआ. घटना को लेकर बुधवार को कार्यालय प्रभारी दयानंद प्रसाद सिंह ने सदर थाना में रामगढ़ जिला अध्यक्ष मो कलीम शेख सहित अन्य लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है.
हालांकि पुलिस को यह नहीं बताया गया है कि घटना क्यों हुई थी. दयानंद के अनुसार मंगलवार सुबह 10 बजे मो कलीम के साथ पार्टी के कार्यकर्ता और महिलाएं लाठी और झाड़ू लिये थे. सभी कार्यालय आकर झारखंड प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को बुलाने की मांग करने लगे.
इसके बाद लोगों ने कार्यालय प्रभारी सहित अन्य लोगों को रात के दो बजे तक बंधक बनाये रखा और हंगामा करते रहे. उन्हें किसी तरह लोगों ने शांत कराया. लेकिन बुधवार की सुबह दोबारा लोगों ने कार्यालय के पास सड़क जाम कर हंगामा करने का प्रयास किया. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और समझा कर वहां से हटाया. इधर मामले में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हंगामा करनेवाले ग पैसे के लिए आये थे. लेकिन तृणमूल गरीब पार्टी है. पार्टी किसी को पैसा नहीं देती. पैसे को लेकर ही हंगामा किया गया था.
सीएनटी एक्ट उल्लंघन करनेवालों पर कार्रवाई की अनुशंसा
रांची़ सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन खरीद-बिक्री के मामले में लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा चाईबासा डीसी से की है. इस मामले में साधुचरण सिंह कुन्टिया ने लोकायुक्त से शिकायत की थी. जांच में यह बात सामने आयी कि गलत जाति और आवासीय प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर अनुसूचित जनजाति की जमीन की खरीद बिक्री की गयी. दस्तावेज में राजलक्ष्मी बिरुआ का पता कुइदबुसू गांव में बताया गया था.
जबकि जांच में यह बात सामने आयी कि इस नाम की कोई महिला कुइदबुसू गांव में नहीं रहती है. मामले को गंभीर मानते हुए लोकायुक्त ने चाईबासा के डीसी से अनुशंसा की है कि वे अनुसूचित जनजाति की जमीन की गलत तरीके से खरीद फरोख्त किये जाने में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें. इस संबंध में कार्रवाई प्रतिवेदन एक माह में देने का निर्देश डीसी को दिया गया है.
