रांची : निगम के पास 2013-17 के बीच जारी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र का डाटा नहीं

उत्तम महतो आंकड़ा नहीं रहने से पुराने सर्टिफिकेट का नहीं मिल रहा डुप्लीकेट रांची : वर्ष 2013-17 के बीच जारी किये गये जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र का कोई आंकड़ा (डाटा) रांची नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं है. इस कारण नगर निगम में प्रतिदिन पुराने सर्टिफिकेट में संशोधन कराने व उसका डुप्लीकेट निकालने के […]

उत्तम महतो
आंकड़ा नहीं रहने से पुराने सर्टिफिकेट का नहीं मिल रहा डुप्लीकेट
रांची : वर्ष 2013-17 के बीच जारी किये गये जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र का कोई आंकड़ा (डाटा) रांची नगर निगम के पास उपलब्ध नहीं है. इस कारण नगर निगम में प्रतिदिन पुराने सर्टिफिकेट में संशोधन कराने व उसका डुप्लीकेट निकालने के लिए पहुंच रहे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है
डाटा उपलब्ध नहीं होने के कारण निगम के कर्मचारी लोगों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं. नगर निगम की गलती का खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है़ ज्ञात हो कि इन चार सालों में 1.20 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किये गये.
क्या है पूरा मामला : एक मार्च 2013 से रांची नगर निगम में बनाये जाने वाले जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र का काम प्रज्ञा केंद्रों को सौंप दिया गया था.
ये प्रज्ञा केंद्र जैप आइटी से संचालित होते थे. जैप आइटी ने इसका सॉफ्टवेयर टीसीएस से बनवाया था. जैप आइटी के इसी सॉफ्टवेयर से 23 जनवरी 2017 तक प्रमाण पत्र जारी किये गये. इसके बाद निगम ने भारत सरकार द्वारा बनाये गये सीआरएस सॉफ्टवेयर से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम शुरू किया. इधर, जैप आइटी की सेवा बंद होने के बाद भी इनके द्वारा चार सालों से जारी किये गये प्रमाण पत्रों का डाटा निगम को हैंडओवर नहीं किया गया. डाटा उपलब्ध नहीं होने के कारण निगम ने जैप आइटी को कई बार पत्र लिखा, लेकिन जैप आइटी ने अब तक निगम को डाटा उपलब्ध नहीं कराया है.
चार साल में 1.20 लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किये गये
पुराने की जानकारी नहीं मिल रही, नया बनवा लीजिए
2013-17 तक का आंकड़ा निगम के पास नहीं रहने के कारण जो भी लोग पुराने सर्टिफिकेट में किसी प्रकार का सुधार कराने व डुप्लीकेट निकालने के लिए निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं, उनसे निगम के कर्मचारी साफ-साफ कह दे रहे हैं कि पुराने सर्टिफिकेट का कोई डाटा हमारे पास नहीं है.
इसलिए बेहतर होगा कि आप नये सिरे से प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन करें. हम आपके कागजातों की जांच कर नये सिरे से प्रमाण पत्र जारी कर देंगे. इधर, निगम के कर्मचारियों के इस जवाब से आवेदकों के होश उड़े हुए हैं कि आखिर वह उन कागजातों को दोबारा कहां से लायेंगे, जाे उन्होंने पहले ही प्रमाण पत्र बनाने के दौरान निगम में जमा किया था.

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