रांची : भाकपा माले ने एनआरसी के मुद्दे पर बुधवार को राजभवन के पास विरोध प्रदर्शन किया. नेताओं ने कहा कि यदि पूरे देश में एनआरसी लागू किया गया, तो झारखंड में ही लाखों आदिवासी एनआरसी से बाहर होंगे.
यह देश की और अखंडता के लिए खतरनाक साबित होगा. इस दौरान माले नेताओं ने असम के एनआरसी डिटेंशन कैंपों में 27 लोगों की मौत की न्यायिक जांच की मांग की. भाकपा माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन के मामले में केंद्र सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है. डिटेंशन कैंप को पूरी तरह यातना गृह में बदल दिया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है.
जिला सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि डिटेंशन कैंपों में हुई मौत की जिम्मेदारी लेते हुए सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. इस मौके पर बशीर अहमद, गौतम मुंडा, सूर्य कांत सिंह, अनिल कुमार सिंह, रामचरित्र शर्मा, विनोद ठाकुर, जगमोहन महतो, भीम साहू, अशोक प्रधान, आयती तिर्की, मंजू और नौरीन अख्तर मौजूद थे.
