अब एचइसी में कोरियन तकनीक से बनेगा ड्रोन

सार्वजनिक उपक्रमों के लिए उपकरण बनाने का है अनुभव रांची : अब तक कोयला, स्टील और डिफेंस के क्षेत्र में उपकरण बनाने वाले एचइसी में ड्रोन का भी निर्माण होगा. इसके लिए कोरियन कंपनी से तकनीक ली जायेगी. इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कोरियन कंपनी का प्रतिनिधिमंडल नवंबर में एचइसी के दौरे पर […]

सार्वजनिक उपक्रमों के लिए उपकरण बनाने का है अनुभव
रांची : अब तक कोयला, स्टील और डिफेंस के क्षेत्र में उपकरण बनाने वाले एचइसी में ड्रोन का भी निर्माण होगा. इसके लिए कोरियन कंपनी से तकनीक ली जायेगी.
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए कोरियन कंपनी का प्रतिनिधिमंडल नवंबर में एचइसी के दौरे पर आयेगा. इसको लेकर एचइसी प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है. एचइसी के अधिकारी ने बताया कि ड्रोन का निर्माण कंपनी के लिए नया क्षेत्र है, लेकिन इसकी मार्केट में काफी मांग भी है.
गौरतलब है कि पिछले माह दिल्ली में दक्षिण कोरिया और एचइसी के अधिकारियों के बीच पहले दौर की वार्ता हो चुकी है. उस दौरान कोरिया की कंपनी कोवैक लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने एचइसी के अधिकारियों के साथ एयरो स्पेस और ड्रोन निर्माण पर चर्चा की थी. बैठक में सहमति बनी थी कि कोरियन कंपनी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही एचइसी के दौरे पर आयेगा. यहां दूसरे दौर की वार्ता होगी. अब कोरियन कंपनी ने एचइसी को मेल द्वारा यहां आने और तकनीक देने की सूचना दी है.
दूसरी कोरियन कंपनी एचइसी को देगी सबमरीन की तकनीक
जानकारी के मुताबिक एक दूसरी कंपनी होसुंग हैवी इंड्रस्ट्री के अधिकारी भी एचइसी के दौरे पर आयेंगे. कंपनी सबमरीन के लिए उपकरण बनाती है.
अधिकारी ने बताया कि एचइसी के पास सबमरीन के लिए उपकरण बनाने का अनुभव है. एचइसी में ऐसे बड़े-बड़े उपकरणों की कास्टिंग व फोर्जिंग की सुविधा है. एचइसी द्वारा दिये गये प्रजेंटेशन से होसुंग कंपनी के अधिकारी काफी प्रभावित हुए व जल्द एचइसी में आगे की वार्ता करने की बात कही है.

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