बुढ़मू : सड़क नहीं तो वोट बहिष्कार, कच्चे पथ की हालत देख मेहमान भी नहीं आते हैं

बुढ़मू : गांव की सड़क नहीं बनने से नाराज सारले पंचायत के डिहवाटोली के ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर विधानसभा चुनाव में वोट नहीं करने का निर्णय लिया है. ग्रामीणों का कहना था कि बमने से डिहवाटोली के बीच एक किलोमीटर तक सड़क ही नहीं है. लोग […]

बुढ़मू : गांव की सड़क नहीं बनने से नाराज सारले पंचायत के डिहवाटोली के ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर विधानसभा चुनाव में वोट नहीं करने का निर्णय लिया है. ग्रामीणों का कहना था कि बमने से डिहवाटोली के बीच एक किलोमीटर तक सड़क ही नहीं है.

लोग आवागमन के लिए कच्ची सड़क का उपयोग करते हैं, जो कीचड़ व फिसलन से भरी रहती है. बारिश के दिनों में तो इस पर चलना-फिरना ही बंद हो जाता है. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनाने की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन कहीं से कोई पहल नहीं हो रही है. बरसात में कोई बीमार पड़ जाये, तो उसे खटिया पर लाद कर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. हालत यह हो गयी है कि सड़क की स्थिति देखकर मेहमान तक आने से कतराने लगे हैं.

ग्रामीणों का कहना था कि चुनाव प्रचार को छोड़ कभी सांसद व विधायक क्षेत्र में नहीं आये. पिछले पांच साल में बीडीअो एक बार आये हैं. गांव के तकदीर मुंडा, शांति देवी, मंगरी देवी, बालवा मुंडा समेत कई वृद्ध पेंशन से वंचित हैं. ग्रामीणों को राशन उठाव करने के लिए पांच किलोमीटर दूर राय जाना पड़ता है. युगल मुंडा, सेमलाल मुंडा, पूषण गंझू, मंगलू मुंडा की मौत के छह माह से भी अधिक समय बीत चुके हैं पर उनका मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बना है.

क्या कहते हैं विधायक

इस संबंध में पूछे जाने पर विधायक डॉ जीतू चरण राम ने कहा कि वे एक-दो दिन में डिहवाटोली केग्रामीणों से मिलेंगे. उनकी सारी समस्याअों का निराकरण किया जायेगा.

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