किडनी प्रत्यारोपण में रोबोटिक सर्जरी कारगर

रांची : मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के यूरोलॉजिस्ट डॉ विमल डासी ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण में रोबोट सर्जरी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. देश के बड़े अस्पतालों में इस तकनीक का उपयोग हो रहा है. यह सामान्य सर्जरी से थोड़ी महंगी है, लेकिन ज्यादा कारगर है. इसमें मरीज को ज्यादा दिन तक अस्पताल […]

रांची : मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के यूरोलॉजिस्ट डॉ विमल डासी ने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण में रोबोट सर्जरी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. देश के बड़े अस्पतालों में इस तकनीक का उपयोग हो रहा है. यह सामान्य सर्जरी से थोड़ी महंगी है, लेकिन ज्यादा कारगर है.

इसमें मरीज को ज्यादा दिन तक अस्पताल में नहीं रहना पड़ता है. रोबोट सर्जरी के स्कील्ड डॉक्टरों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. डॉ डासी शनिवार को झारखंड यूरोलॉजी सोसाइटी द्वारा आयोजित इस्ट जोन के वार्षिक सम्मेलन में बोल रहे थे. सम्मेलन का समापन हो गया.
उन्होंने कहा कि कम उम्र के मरीजों को डायलिसिस के बजाय प्रत्यारोपण कराना चाहिए. यह ज्यादा फायदेमंद होता है. किडनी प्रत्यारोपण 95 से 97 फीसदी सफल होता है. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए शुगर व बीपी से खुद को बचा कर रखना चाहिए.
इसके लिए नियमित व्यायाम करें. धूम्रपान व शराब का सेवन न करें. कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आये डॉक्टरों ने भी अपने विचार व्यक्त किये. नये शोध से अवगत कराया. आयोजन समिति के सचिव डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि सेमिनार से राज्य के डॉक्टरों को फायदा होगा. इस मौके पर डॉक्टरों ने रोबोटिक मशीन का डेमो भी देखा.
देश के 70 अस्पतालों में होती है रोबोटिक सर्जरी
डॉ समीर खन्ना ने बताया कि लेप्रोस्कोपी सर्जरी से ज्यादा सटीक रोबोटिक सर्जरी है. इसमें थ्री डी विजन दिखता है. शरीर के किसी भाग में आसानी से पहुंचा जा सकता है. कैंसर की सर्जरी में यह ज्यादा कारगर है. लेप्रोस्कोपी सर्जरी से रोबोटिक सर्जरी का खर्च एक लाख अधिक आता है. देश के 70 अस्पतालों में यह सर्जरी हो रही है. कोलकाता में दो अस्पताल में इसकी सुविधा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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