समान काम का समान वेतन मामले में निर्णय लें: हाइकोर्ट

रांची : हाइकोर्ट के जज डॉ एसएन पाठक की अदालत ने रिम्स के चिकित्सकों की अोर से दायर याचिकाअों पर सुनवाई करते हुए उच्चस्तरीय समिति को निर्णय लेने का निर्देश दिया. इसके लिए चार सप्ताह का समय प्रदान किया. अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद होगी. इससे पूर्व अधिवक्ता देवर्षि मंडल व अधिवक्ता शादाब बिन […]

रांची : हाइकोर्ट के जज डॉ एसएन पाठक की अदालत ने रिम्स के चिकित्सकों की अोर से दायर याचिकाअों पर सुनवाई करते हुए उच्चस्तरीय समिति को निर्णय लेने का निर्देश दिया. इसके लिए चार सप्ताह का समय प्रदान किया.

अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद होगी. इससे पूर्व अधिवक्ता देवर्षि मंडल व अधिवक्ता शादाब बिन हक ने अदालत को बताया कि सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक प्रोफेसर व उनके द्वारा किया जानेवाला कार्य एक समान हैै. हमारा पद भी समान है. इसलिए समान काम का समान वेतन मिलना चाहिए. अदालत द्वारा पूर्व में गठित उच्चस्तरीय समिति ने अब तक कोई निर्णय भी नहीं लिया है.
उल्लेखनीय है कि प्रार्थी डॉ लाधु लकड़ा व डॉ अनिल कुमार कमल ने याचिका दायर की है. वे सहायक प्रोफेसर हैं. वर्ष 2004 में उन्हें रिम्स में पदस्थापित किया गया. बाद में रिम्स में ही सहायक प्रोफेसर के पद पर इनकी स्थायी नियुक्ति कर दी गयी. सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक प्रोफेसरों से इन्हें कम वेतन वेतन दिया जा रहा है. प्रार्थियों ने समान काम के बदले समान वेतन देने की मांग की है.

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