गोड्डा-महगामा रेल लाइन के लिए हाइकोर्ट पहुंचे निशिकांत

72 वर्षों से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं लोग रांची : गोड्डा से महगामा तक रेलवे लाइन निर्माण को लेकर हाइकोर्ट में शुक्रवार को याचिका दायर की गयी. मामले में केंद्र सरकार, कोयला मंत्रालय, झारखंड सरकार, एनटीपीसी, रेलवे को प्रतिवादी बनाया है. प्रार्थी गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की अोर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने […]

72 वर्षों से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं लोग
रांची : गोड्डा से महगामा तक रेलवे लाइन निर्माण को लेकर हाइकोर्ट में शुक्रवार को याचिका दायर की गयी. मामले में केंद्र सरकार, कोयला मंत्रालय, झारखंड सरकार, एनटीपीसी, रेलवे को प्रतिवादी बनाया है. प्रार्थी गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की अोर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने याचिका दायर की.
प्रार्थी ने कहा है कि गोड्डा क्षेत्र के लोग 72 वर्षों से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि गोड्डा से महगामा की दूरी 32 किमी है. यहां तक रेलवे लाइन बिछायी जाये. इसके बाद रेलवे लाइन को एनटीपीसी के एमजीआर लाइन से जोड़ दिया जाये. एनटीपीसी की दो रेल लाइन यहां से गुजरती है.
एक लाइन बिहार के कहलगांव तक जाती है, जबकि दूसरी लाइन बंगाल के फरक्का तक जाती है. ऐसा होने से गोड्डा के लोग बिहार व पश्चिम बंगाल से भी जुड़ सकेंगे. अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2014 में भारत सरकार के कैबिनेट कमेटी फॉर इकोनॉमिक अफेयर्स ने गोड्डा से पीरपैती तक 96 किमी लंबी रेलवे लाइन बिछाने की स्वीकृति दी थी. रेलवे लाइन बिछाने के लिए गोड्डा से महगामा तक जमीन अधिग्रहण भी कर लिया गया.
रेलवे ने दिसंबर 2018 में टेंडर भी आमंत्रित किया. वर्ष 2019 में कोयला मंत्रालय ने आपत्ति जताते हुए कहा कि महगामा से पीरपैंती तक उसे कोल ब्लॉक मिला है. आपत्ति के बाद झारखंड के परिवहन विभाग ने गोड्डा के उपायुक्त को पत्र लिख कर कार्य रोकने का निर्देश दिया.
प्रार्थी ने बताया कि गोड्डा से महगामा तक जमीन अधग्रिहण के पहले ही परियोजना के लिए कोयला मंत्रालय से स्वीकृति ली गयी थी. कोल ब्लॉक महगामा से पीरपैंती के बीच में पड़ता है. इसलिए गोड्डा से महगामा तक रेलवे लाइन बिछाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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