वन अफसरों का दो दिवसीय सम्मेलन आरंभ
रांची : वन विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी ने कहा है कि वन विभाग दबाव में काम कर रहा है. करीब दो साल यहां काम करते हुए ऐसा महसूस कर रहा हूं. इसके पीछे कुछ राजनीतिक लीडरशिप भी है. वे चाहते हैं कि कोई भी प्रोजेक्ट जल्द शुरू हो. यह गलत भी नहीं है.
उनकी कई राजनीतिक प्रतिबद्धता है. श्री चतुर्वेदी शुक्रवार को साल के जंगल के पुनर्जीवन पर विचार करने के लिए पूर्वी राज्यों के वन अधिकारियों के दो दिवसीय सम्मेलन में बोल रहे थे. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ज्यूडिशियरी पर्यावरण बचाने की बात करता है. ऐसे में एक विस्तृत चर्चा की जरूरत है. यह चर्चा राजनीतिज्ञों और ब्यूरोक्रेटिक लीडरशिप के बीच होनी चाहिए. सम्मेलन में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
पानी बचाना मुख्य उद्देश्य : महानिदेशक
भारत सरकार के महानिदेशक वन सिद्धांत दास ने कहा कि जंगल का मुख्य उद्देश्य लकड़ी तैयार करना नहीं है. इसका मुख्य काम पानी बचाना है. लकड़ी तो बाइ प्रोडक्ट है. जंगल रहेगा, तो बाढ़ नहीं आयेगा. पानी रिचार्ज होगा. इसका फायदा आने वाली पीढ़ी को मिलेगा. वन विभाग चाहता है कि जल अविरल और निर्मल भी रहे. इसके लिए जंगल बचाना जरूरी है.
