मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष बैठी हैं धरना पर
संघ ने कहा : हम मांगों पर सरकार से तत्काल कार्रवाई चाहते हैं
16 अगस्त से मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन कर रहीं सेविकाएं
रांची : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि मानदेय वृद्धि के मुद्दे पर आंगनबाड़ी कर्मी 13 सितंबर से भूख हड़ताल करेंगे. राजभवन के समक्ष धरना स्थल पर ही कर्मी भूख हड़ताल पर बैठेंगे.
संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बाल मुकुंद सिन्हा ने कहा कि मानदेय वृद्धि का मुद्दा तीन वर्षों से लंबित है. अब सरकार इस मुद्दे पर कमेटी बनाने की बात कर रही है. कमेटी फिर छह-आठ माह का समय लेकर कोई रिपोर्ट देगी, जबकि हम इस मांग पर सरकार से तत्काल कार्रवाई चाहते हैं. गौरतलब है कि राज्य कैबिनेट ने बुधवार को आंगनबाड़ी कर्मियों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 60 से बढ़ा कर 62 वर्ष करने पर सहमति दे दी है. वहीं आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका के मानदेय में भी पूर्व के मुकाबले वृद्धि पहले ही हो गयी है. पर संघ इससे संतुष्ट नहीं है.
समाज कल्याण निदेशक से मुलाकात :
इधर गुरुवार को श्री सिन्हा व अन्य पदाधिकारियों ने समाज कल्याण निदेशक मनोज कुमार से मुलाकात की. निदेशक के अनुसार संघ की लगभग मांगों पर कार्रवाई हो रही है. एेसे में आंगनबाड़ी कर्मियों को काम पर लौट आना चाहिए. इस पर श्री सिन्हा ने सबकी सहमति से कोई निर्णय लेने की बात कही है.
बंद हैं आंगनबाड़ी केंद्र : हड़ताल के मद्देनजर राज्य के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुल रहे हैं. इससे केंद्र के जरिये संचालित पूरक पोषाहार कार्यक्रम प्रभावित है तथा तीन से छह वर्षीय बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा. रामगढ़ जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं. वहीं, मांडू प्रखंड के आंगनबाड़ी कर्मियों ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक लगभग 21 माह का पोषाहार मद का पैसा उन्हें आज तक नहीं मिला है.
सेविकाआें को पुलिस ने रोका, हंगामा
राजभवन के सामने 16 अगस्त से मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी सेविकाएं प्रधानमंत्री के सामने मांगें रखना चाह रही थीं, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उन्हें रोक दिया़ इस कारण उनलोगों ने जमकर हंगामा किया़ स्थिति को देखते हुए सेविकाओं को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया था़
उन्हेंं दिन के 11 से तीन बजे तक हिरासत में रखा गया़ बताया जाता है कि दिन के 11 बजे सेविकाएं पीएम के कार्यक्रम स्थल पर जानेवाली थीं. इसकी जानकारी काेतवाली पुलिस को मिली़ इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कंट्रोल रूम में रिजर्व फोर्स को बुलाया गया. कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल, कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल पुलिस फोर्स को लेकर वहां पहुंचे और आंगनबाड़ी सेविकाओं को मौके पर ही हिरासत में ले लिया़ प्रधानमंत्री के चले जाने के बाद पुलिस राजभवन से हटी़
सीटू ने गिरफ्तारी की निंदा की
पीएम के कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी कर्मियों की गिरफ्तारी को सीटू ने अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए कड़ी निंदा की है. सीटू ने बयान जारी कर कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री गुरुवार को रांची आकर राज्य की सबसे बड़ी पंचायत का उद्घाटन करते हुए घोषणा करते हैं कि अब लोकतंत्र को मजबूत करने की ओर कदम बढ़ाये जा रहे हैं.
वहीं, दूसरी ओर कई दिनों से सुदूर पंचायतों में राज्य के गरीब बच्चों को कुपोषण से बचाने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने से लेकर विभिन्न सरकारी कामों में मदद करने वाली आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं हड़ताल पर हैं. महासचिव प्रकाश विप्लव ने सरकार से इनकी मांगों पर अविलंब विचार करते हुए हड़ताल समाप्त कराने का आग्रह किया है.
हटिया : आंगनबाड़ी सेविकाअों को गुरुवार की सुबह नौ बजे धुर्वा थाना प्रभारी राजीव कुमार द्वारा रोककर धुर्वा थाना में बैठा दिया गया. फिर दोपहर दो बजे सभी को छोड़ दिया गया. आंगनबाड़ी सेविका आशा देवी ने बताया कि हम सभी एचइसी रोड से राजभवन जा रहे थे.
पुलिस को शक हुआ कि हमलोग प्रधानमंत्री के सभा स्थल में विरोध करने जा रहे हैं. इसके बाद हमलोगों को थाना में बैठा दिया गया. मानदेय बढ़ाने के लिए हमलोगों का राजभवन के पास धरना चल रहा है. थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि उक्त सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं सभा स्थल की ओर जा रही थीं, जिस कारण पुलिस ने इन्हें थाना में लाकर बैठाया था.
