रांची : सरकार के ब्लड वाहन में हरियाणा के टेंपो का नंबर

संजय एनएचएम : चार में से तीन वाहन की आपूर्ति की गयी, ब्लड कलेक्शन वाहन निकला पुराना रांची : एनएचएम के तहत चार ब्लड कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्ट वाहन खरीदे जा रहे हैं. आपूर्तिकर्ता कंपनी इंस्ट्रूमेडिक्स, हरियाणा ने इनमें से तीन की आपूर्ति कर दी है. एक वाहन अाना अभी बाकी है. झारखंड पहुंच चुके ब्लड […]

संजय
एनएचएम : चार में से तीन वाहन की आपूर्ति की गयी, ब्लड कलेक्शन वाहन निकला पुराना
रांची : एनएचएम के तहत चार ब्लड कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्ट वाहन खरीदे जा रहे हैं. आपूर्तिकर्ता कंपनी इंस्ट्रूमेडिक्स, हरियाणा ने इनमें से तीन की आपूर्ति कर दी है. एक वाहन अाना अभी बाकी है. झारखंड पहुंच चुके ब्लड वाहन (टाटा 407) का जो रजिस्ट्रेशन नंबर है, वह हरियाणा के टेंपो का है. इस वाहन का नंबर एचआर 38टी-7123 है, जो भारत सरकार के एम-परिवहन ऐप के मुताबिक फरीदाबाद के किसी दर्शन भाटिया के नाम से है.
यह निबंधन 25 जून 2014 का है. पांच साल तीन माह पुराने उक्त सीएनजी टेंपो का इंश्योरेंस (जून 2015 तक) तथा फिटनेस (18 जून 2015 तक) फेल है. वहीं दूसरे वाहन का नंबर एचआर 38टी-7124 है, जो फरीदाबाद के ही किसी वीर सिंह के सीएनजी टेंपो का नंबर है. टेंपो का यह निबंधन 12 मार्च 2014 का है. पांच साल छह माह पुराने इस टेंपो का इंश्योरेंस (चार मार्च 2015 तक) तथा फिटनेस (नौ मार्च 2015 तक) भी फेल है. इधर, तीन वाहनों में से एक का नंबर प्लेट गायब है. शायद हरियाणा से आने के क्रम में यह गिर गया हो.
नयी कीमत पर पुराना वैन दे दिया : एनएचएम मुख्यालय, नामकुम में खड़े ये वाहन देखने से पुराने लगते हैं. पायलट केबिन की सीटें भी पुरानी हैं तथा वाहन की स्टीयरिंग व अन्य पार्ट भी पुरानी गाड़ी के लगते हैं. इसके मद्देनजर जब जांच की गयी, तो ये वाहन सचमुच पुराने निकले. इसके बाद एनएचएम की अोर से इन वाहनों की आपूर्तिकर्ता कंपनी (इंस्ट्रूमेडिक्स, हरियाणा) से वाहनों की खरीद संबंधी कागजात मांगे गये हैं. वहीं, कागजात मिलने तक चौथे वाहन की आपूर्ति अभी रोक दी गयी है.
कंपनी ने अब तक कागजात उपलब्ध नहीं कराये है गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इन चार वैन के लिए 1.28 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी थी. एक वाहन की खरीद पर (उपकरणों सहित) करीब 32 लाख रुपये खर्च हुए हैं. इससे पहले नाको से एक ब्लड कलेक्शन बस एड्स कंट्रोल सोसाइटी को मिली थी, जो रांची (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) में है. अब इन चार वैन को अलग-अलग प्रमंडल में रखा जायेगा.
वैन का उपयोग
इन वाहनों का इस्तेमाल सीएचसी व पीएचसी लेबल पर रक्त इकट्ठा कर इसे सुरक्षित तरीके से संबंधित जिले के ब्लड बैंक में पहुंचाना है. वहां इसके जरिये अस्पतालों में (जहां ऑपरेशन होते हैं) ब्लड पहुंचाने (ब्लड कैटरिंग) का काम होगा. जिला अस्पतालों से (जहां ब्लड बैंक होते हैं) अॉपरेशन वाली सभी फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में खून भेजे जायेंगे. इस वाहन में चालक व तकनीशियन के अलावा एक चिकित्सक भी रहेंगे.

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