रांची : हजरत अली असगर की याद में निकल आये आंसू

मसजिद-ए-जाफरिया में मजलिस का आयोजन रांची : मसजिद-ए-जाफरिया में शुक्रवार को हजरत अली असगर की शहादत की याद में मजलिस का आयोजन किया गया. मजलिस में हजरत इमाम हुसैन के नन्हे बालक हजरत अली असगर की शहादत को याद करके लोगों की आंखों में आंसू आ गये. हजरत मौलाना हाजी सैयद तहजीब उल हसन रिजवी […]

मसजिद-ए-जाफरिया में मजलिस का आयोजन
रांची : मसजिद-ए-जाफरिया में शुक्रवार को हजरत अली असगर की शहादत की याद में मजलिस का आयोजन किया गया. मजलिस में हजरत इमाम हुसैन के नन्हे बालक हजरत अली असगर की शहादत को याद करके लोगों की आंखों में आंसू आ गये.
हजरत मौलाना हाजी सैयद तहजीब उल हसन रिजवी ने हजरत अली असगर की बहादुरी का जिक्र करते हुए कहा कि कर्बला के 72 लोगों में सबसे कम उम्र के हजरत अली असगर थे. हजरत अली असगर ने हंसकर जान देकर बता दिया था कि हक की बात पर हंस कर जान दे देना शहादत है.
इसके बाद हजरत अली असगर का झूला निकाला गया . हाय असगर, हाय असगर की आवाज से मस्जिद गूंज उठी. मजलिस में नोहा खानी ताबिश रजा अलीवाला पुणे, कासिम अली ने पढ़ी. मजलिस का आयोजन जावेद हैदर नकवी,जाफर हुसैन और यावर हुसैन ने किया.
कार्यक्रम में डॉक्टर अशरफ हुसैन, जफरूल हसन, यादगार नकवी,अली नवाब, शब्बीर हुसैन, सगीर अहमद, अमोद अब्बास, अली इमाम और शमीम उल हक समेत काफी लोग उपस्थित थे. उधर कर्बला में अंजुमन-ए-जाफिरया द्वारा निशान खड़ा किया गया और फातिहा खानी करने के बाद देश की अमन, शांति और भाइचारे के लिए दुआ की गयी.

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