प्रधानमंत्री आवास योजना में जमीन विवाद बाधक

रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को धरातल पर उतारने में कई जिलों में जमीन विवाद बाधक बन रहा है. सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर में प्रधानमंत्री आवास के लिए 15.98 एकड़ जमीन प्रस्तावित है, लेकिन इसमें से 10.96 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है. कपाली में आवास निर्माण को लेकर दो एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. […]

रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को धरातल पर उतारने में कई जिलों में जमीन विवाद बाधक बन रहा है. सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर में प्रधानमंत्री आवास के लिए 15.98 एकड़ जमीन प्रस्तावित है, लेकिन इसमें से 10.96 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है. कपाली में आवास निर्माण को लेकर दो एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. रांची के पंडरा में 2.66 एकड़ जमीन में स्थानीय विवाद है.

ऐसे में दूसरी जगह जमीन चिह्नित की जा रही है. अभी वाल्मिकी नगर की 0.73 एकड़ जमीन का हस्तांतरण भी नहीं हो पाया है. बोकारो के फुसरो में सीसीएल की रिपोर्ट के अनुसार 43 एकड़ जमीन बतायी गयी है, जबकि यहां पर सिर्फ 3.5 एकड़ जमीन उपलब्ध है. धनबाद के कपसारा, लायकाडीह व चापरा में 11 एकड़ जमीन का हस्तांतरण नहीं हो पाया है.
इसी प्रकार गोड्डा के सरोटिया में दो एकड़ जमीन का हस्तांतरण नहीं हो पाया है. देवघर के मोहनपुर में जिस प्लॉट पर आवास का निर्माण होना है, वहां से एचटी लाइन गुजर रही है. पूर्वी सिंहभूम के नवजीवन कुष्ठ आश्रम में पानी की किल्लत के कारण काम प्रभावित है. बागुनहातू में 16.11 एकड़ जमीन में से 5.86 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है. इसी प्रकार गुमला में मराटी बस्ती में जमीन हस्तांतरण को लेकर मामला फंसा हुआ है.
जमशेदपुर में टाटा स्टील की 206 एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. इसमें से सिर्फ 74 एकड़ जमीन का एनओसी मिल पाया है. यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान प्रकाश में आया है. इसके बाद से नगर विकास विभाग ने इन जमीन विवादों को हल करने के लिए पहल शुरू कर दी है.

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