अनुशंसा सूची में नहीं था एक भी महिला का नाम

रांची : ललित कला अकादमी सम्मान के लिए झारखंड सरकार का प्रस्ताव लौटा दिया गया है. राज्य सरकार ने इसके लिए पांच विभूतियों के नाम की अनुशंसा की थी, लेकिन सूची में किसी महिला का नाम शामिल नहीं था. इस कारण केंद्रीय कला संस्कृति मंत्रालय ने प्रस्ताव लौटा दिया. अब झारखंड सरकार फिर से विभूतियों […]

रांची : ललित कला अकादमी सम्मान के लिए झारखंड सरकार का प्रस्ताव लौटा दिया गया है. राज्य सरकार ने इसके लिए पांच विभूतियों के नाम की अनुशंसा की थी, लेकिन सूची में किसी महिला का नाम शामिल नहीं था.

इस कारण केंद्रीय कला संस्कृति मंत्रालय ने प्रस्ताव लौटा दिया. अब झारखंड सरकार फिर से विभूतियों की सूची भेजेगी. कला संस्कृति विभाग ने सम्मान के लिए महिला के नाम की तलाश शुरू कर दी है. इसके लिए आवेदन भी आमंत्रित किया गया है.
सूचना है कि इस बार सम्मान के लिए कुल पांच विभूतियों के नाम की अनुशंसा की जायेगी. ललित कला अकादमी स्वतंत्र भारत में गठित एक स्वायत्त संस्था है. यह पांच अगस्त 1954 को भारत सरकार द्वारा स्थापित की गयी थी. भारत सरकार द्वारा ललित कला के क्षेत्र में कार्य करने के लिए स्थापित केंद्रीय संगठन है.
इसमें मूर्तिकला, चित्रकला, ग्राफिक्स और गृह निर्माण कला आदि के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करनेवाली विभूतियों को सम्मानित किया जाता है. ललित कला अकादमी की फेलोशिप को ललित कला अकादमी रत्न भी कहा जाता है. यह भारत में ललित कला के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक सम्मान है.
इसमें 25,000 रुपये नकद, एक प्रशस्ति पत्र एवं एक प्रतीक दिया जाता है. विभाग के निदेशक दीपक शाही ने कहा है कि महिला का नाम शामिल नहीं होने के कारण प्रस्ताव लौटा दिया गया है. राज्य सरकार फिर से अनुशंसा भेजेगी. इसके लिए सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू की गयी है और विशेष निर्देश दिये गये हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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