अब ट्रेन पकड़ने के लिए रामगढ़ या मुरी नहीं जाना पड़ेगा
रांची/मेसरा : पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर व दक्षिण-पूर्व रेलवे धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों की टीम ने शनिवार को सांकी से टाटीसिलवे तक बने रेलवे लाइन का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संकेत दिया कि इस माह में किसी भी दिन से इस रूट पर यात्री ट्रेन का आवागमन शुरू किया जा सकता है. सांकी लाइन चालू होने से लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए बस से रामगढ़ या मुरी नहीं जाना पड़ेगा. इससे काफी समय बचेगा.
अधिकारियों का दल सुबह 11:20 बजे टाटीसिलवे से मेसरा होते हुए दोपहर 12:00 बजे सांकी पहुंचा. इसके बाद सांकि से दोपहर 12:50 निरीक्षण करते हुए दोपहर 1:30 बजे मेसरा पहुंचा. फिर वहां से दोपहर 2:20 बजे टाटीसिलवे के लिए रवाना हुए. अधिकारियों की टीम ने रेलवे ट्रैक, यात्रियों की सुविधा से संबंधित उपकरण के अलावे मेसरा स्टेशन का भी अवलोकन किया. मालूम हो कि हाजीपुर रेल मंडल की सीमा मेसरा होते हुए टाटीसिलवे होम सिग्नल तक आता है.
फिर उसके बाद धनबाद रेल मंडल का शुरू होता है. मौके पर सीओ कंस्ट्रक्शन अशोक कुमार, पीसीएमओ सलिल कुमार झा, डीआरएम(धनबाद) अनिल कुमार मिश्रा, उप मुख्य अभियंता निर्माण (बरकाकाना) लखन मीणा, सीनियर डीएसओ (धनबाद)अरविंद कुमार रॉय, सीनियर डीएसटीइ (धनबाद) अजीत कुमार मौजूद थे.
इसी माह किसी भी दिन रेल का परिचालन संभव : पूर्व-मध्य रेलवे के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम, हाजीपुर) अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि अगस्त में किसी भी दिन से सांकी से टाटीसिलवे के बीच पैसेंजर ट्रेन का आवागमन शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा कि निरीक्षण के क्रम में सुरक्षा की दृष्टिकोण से जो भी कमियां मिली हैं, उन्हें जल्द दूर कर लिया जायेगा.
ट्रेनों का आवागमन शुरू होने के बाद यात्रियों का फीडबैक लिया जायेगा. उसके आधार पर सुविधाएं भी बढ़ायी जायेंगी. इंस्पेक्शन के बाद सभी अधिकारियों की बैठक होगी.
सांकी से टाटीसिलवे तक चलेगी पैसेंजर ट्रेन : फिलवक्त सांकी से टाटीसिलवे तक ही पैसेंजर ट्रेन चलेगी. बाद में बरकाकाना तक जायेगी. क्योंकि सांकी से बरकाकाना 25 किलोमीटर तक रेलवे का काम चल रहा है. वहीं, इस रूट पर राजधानी ट्रेन चलने से यात्रियों को तीन से चार घंटा का समय बचेगा.
रांची : नगड़ी आरओबी का टेंडर जल्द होगा फाइनल
रांची : नगड़ी आरओबी का टेंडर जल्द फाइनल होगा. कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण इस योजना का टेंडर अब तक निष्पादित नहीं हो पाया है. इस कारण इसकी तिथि तीन बार बढ़ानी पड़ी है. अब एनएचएआइ ने रेलवे से आरओबी निर्माण को लेकर कुछ सुझाव मांगा है. सुझाव मिलते ही निर्माण का रास्ता साफ हो जायेगा, जिसके बाद टेंडर का निष्पादन कर दिया जायेगा.
गौरतलब है कि नगड़ी आरओबी होकर ही ट्रेन लोहरदगा जाती है. चूंकि अब लोहरदगा छोटी लाइन को बड़ी लाइन में तब्दील कर दिया गया है. इसलिए यहां आरओबी का निर्माण जरूरी हो गया है. इधर, बीते 10 साल से नगड़ी आरओबी का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. आरओबी का पिलर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके आगे काम नहीं बढ़ पा रहा है. हाल ही में एनएचएआइ ने इस कार्य को पूरा करने का फैसला लिया. फिर सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इसका टेंडर आमंत्रित किया गया है.
सड़क भी हो गयी फोर लेन : आरओबी के निर्माण का फैसला काफी पहले लिया गया था. बहुत बाद में इस मार्ग एनएच 23 को पिस्का मोड़ से नगड़ी होते हुए पलमा (बेड़ो) तक फोर लेन करने की योजना तैयार हुई. फोर लेन का काम चल रहा है. फिलहाल इसका काम अंतिम चरण पर है.
