रांची : झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता के कारण पिछले साढ़े चार साल से राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है.
झारखंड ने पर्यटन मैप में अपनी पहचान बना ली है. यह बात पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी ने गुरुवार को सूचना भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने विभाग द्वारा साढ़े चार वर्ष किये गये कार्यों की उपलब्धियां गिनायी.
पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा, बढ़े रोजगार के अवसर: श्री बाउरी ने बताया कि साढ़े चार साल में झारखंड आनेवाले पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है. यह संख्या बढ़कर 3.54 लाख तक पहुंच गयी है.
अध्ययन के बिना काम करने से पहाड़ी मंदिर खतरे में पड़ा : एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बेहतर सोच के साथ पहाड़ी मंदिर में तिरंगा झंडा लगाने का काम हुआ था. पर लगाने के पूर्व अध्ययन नहीं किया गया. जिसके कारण पहाड़ी मंदिर खतरे में पड़ गया. पर्यटन विभाग वहां लिफ्ट लगवाना चाहता है. डीपीआर बन कर तैयार है. मंत्री ने कहा कि बड़ा तालाब रांची में प्रतिमा का उदघाटन हो गया है.
पर्यटक व सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा : श्री बाउरी ने बताया कि राज्य के 132 पर्यटक स्थलों को विकसित किया जा रहा है. आठ पर्यटक व सांस्कृतिक खेल महोत्सवों को राजकीय महोत्सव का दर्जा देकर भव्य आयोजन किया जाता है. इसमें इटखोरी महोत्सव, छउ महोत्सव, बैद्यनाथधाम महोत्सव, लुगुबुरु महोत्सव, माघी मेला, हिजला मेला, मुड़मा मेला व बासुकिनाथ धाम महोत्सव शामिल हैं.
श्रावणी मेला को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान : श्री बाउरी ने बताया कि देवघर के श्रावणी मेला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. देवघर में मानसरोवर तालाब के किनारे क्यू कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है. वहीं पतरातू डैम वर्तमान में सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन बन गया है. केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत दलमा-चांडिल-गेतलसूद-बेतला, मिरचईंया, नेतरहाट ईको टूरिज्म सर्किट विकास हेतु 52.72 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.
खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध : श्री बाउरी ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार की ओर से हर पंचायत में खेल सामग्रियां मुहैया करायी जा रही है. आवासीय प्रशिक्षण केंद्र, डे बोर्डिंग सेंटर, जेएसएसपीएस खेल एकेडमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.
