रांची : राज्य में 137 जगहों पर होते हैं सबसे ज्यादा सड़क हादसे

रांची : हादसे की वजह महज जर्जर सड़कें ही नहीं, वह अनदेखी जगह भी है जहां हर कदम पर आपका सामना मौत से हो सकता है. सरकार ने राज्य भर में बेहद खतरनाक 137 जगहों की पहचान की है, जहां सर्वाधिक मौतें कागजों में दर्ज होती हैं. आधे किलोमीटर के किसी खास इलाके में ही […]

रांची : हादसे की वजह महज जर्जर सड़कें ही नहीं, वह अनदेखी जगह भी है जहां हर कदम पर आपका सामना मौत से हो सकता है. सरकार ने राज्य भर में बेहद खतरनाक 137 जगहों की पहचान की है, जहां सर्वाधिक मौतें कागजों में दर्ज होती हैं. आधे किलोमीटर के किसी खास इलाके में ही लोगों की सर्वाधिक मौते हो रही हैं.
विभाग की मानें, तो इन ब्लैक स्पॉट पर तीन साल के दौरान पांच से ज्यादा बड़े सड़क हादसे या फिर करीब 10 मौतें दर्ज हुई हैं. अब इन ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के बंदोबस्त बढ़ाने के ठोस उपाय पर बात हाे रही है. परिवहन विभाग ऐसे जगहों की पहचान कर रोड इंजीनियरिंग और इसके मूल डिजाइन में परिवर्तन के लिए संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई के लिए कह चुकी है. आंकड़े बताते हैं कि आधे से अधिक सड़क हादसों की वजह रोड के आधे किलोमीटर के ब्लैक स्पॉट होते हैं.
दुर्घटना रोकने पर विचार
व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त हो, तो बहुत हद तक ये हादसे टाले जा सकते हैं. इस प्रकार होनेवाली सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए विभागीय स्तर पर काम किये जा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में सड़क हादसों की संख्या बढ़कर 2740 हो गयी. इनमें 1991 लोगों की मौत हुई है. ये आंकड़े जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों के आधार पर लिये गये हैं.
एनएच पर हैं डेथ प्वाइंट
एनएच पर सपाट सड़कों में ब्लैक स्पॉट पर ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार से होनेवाले हादसे काफी ज्यादा हैं. सीधी सड़कों पर अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं.
हत्यारी मोड़, तमाड़ के पास, खूंटी रोड सीआइएसएफ कैंप के आगे, करसो ब्रिज बरही, रांची-पटना इटखोरी मोड़ बरही, जवाहर घाटी बरही, इचाक नेशनल पार्क, देवचंदा मोड़ पेट्रोल पंप बरही, पदमा-कदवा, इचाक बोंगा, चरही घाटी, जीटी रोड, समेत कई अन्य जगहों के नाम शामिल हैं.

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