रांची : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि मेनहर्ट मामले में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन का बयान निराशाजनक है. नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है. इस गंभीर मामले को जातीय आयाम देकर टाला नहीं जा सकता. श्री सोरेन को बताना चाहिये कि मैंने जो तथ्य सार्वजनिक रूप से उनके नगर विकास मंत्री के कार्यकाल के समय का इस बारे में उजागर किया है, वह सही है या नहीं?
इस बारे में जो विभागीय संकल्प दिनांक 13 जुलाई 2011 को पारित हुआ है, उसमें तथ्य को छुपाया गया है और तोड़ा-मरोड़ा गया है. इसकी जिम्मेदारी से बचने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी.
तकनीकी दृष्टि से सक्षम दो समितियों ने इस मामले की जांच के बाद वस्तुस्थिति को स्पष्ट कर दिया है और झारखंड उच्च न्यायालय ने इस आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिया है.
फिर भी यदि मेनहर्ट प्रकरण की जांच हेमंत सोरेन सीबीआई से कराना चाहते हैं, तो पहल करें. उनकी पहल को मैं पूरी तरह से समर्थन दूंगा. श्री राय ने कहा है कि वैसे इस मामले की जांच एक बार चार अभियंता प्रमुखों एवं एक मुख्य अभियंता की समिति कर चुकी है और इसने मेनहर्ट को अयोग्य करार दिया है. परंतु श्री सोरेन के नगर विकास मंत्री काल में पारित किये गये विभागीय संकल्प में इसका कोई जिक्र नहीं है, जबकि यह संकल्प इसके बाद का है.
