कैलाश मानसरोवर सब्सिडी मामला : पार्थ जालान ने कहा, सब्सिडी लेकर कुछ गलत नहीं किया

रांची : जून 2018 में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे पार्थ जालान ने कहा है कि सब्सिडी लेकर कुछ गलत नहीं किया है. उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सब्सिडी की राशि पर दावा किया था. निर्धारित नियम के मुताबिक प्रत्येक परिवार के दो सदस्य सब्सिडी लेने के हकदार हैं. उन्होंने कहा कि […]

रांची : जून 2018 में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे पार्थ जालान ने कहा है कि सब्सिडी लेकर कुछ गलत नहीं किया है. उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सब्सिडी की राशि पर दावा किया था. निर्धारित नियम के मुताबिक प्रत्येक परिवार के दो सदस्य सब्सिडी लेने के हकदार हैं.
उन्होंने कहा कि विनय कुमार जालान ने पत्नी सुलेखा जालान, भतीजे देवेश जालान, भतीजी शिवानी जालुका और बेटे पार्थ जालान के साथ मानसरोवर यात्रा की थी. उनको छोड़ कर सभी लोग कानूनी रूप से सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी पाने के हकदार हैं. देवेश जालान के पिता मनीष जालान हैं. इसलिए वह विनय कुमार राजन के परिवार के सदस्य नहीं हैं. इसी तरह शिवानी जलुका के पिता सुनील जलुका हैं.
वह स्वयं भी सब्सिडी के हकदार थे. श्री जालान ने कहा कि मैंने सब्सिडी का लाभ नहीं उठाया है, क्योंकि, मेरे माता-पिता (विनय जलान और सुलेखा जालान) को सब्सिडी मिल गयी थी. मेरा सब्सिडी पर दावा करना पॉलिसी का उल्लंघन होता. पॉलिसी में सब्सिडी पर दावा करने के लिए कोई भी आय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है. ऐसे में विनय जालान ने नियमों के दायरे में रह कर ही सब्सिडी ली है.

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