रांची : मेकन ने इस्पात मंत्रालय के तत्वावधान में भारत की ओर से मुख्य आयोजनकर्ता के रूप में जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय धातु व्यापार मेला मेटेक-2019 में भाग लिया. प्रदर्शनी में इंडिया स्टील पवेलियन में मेकन के साथ-साथ सेल, एनएमडीसी, आरआइएनएल, केआइओसीएल और मोइल भी शामिल थे.
जिन्होंने धातु के क्षेत्र में वैश्विक तकनीक का अन्वेषण व विकास में भारत के योगदान को प्रदर्शित किया. इंडिया स्टील पवेलियन का उद्घाटन फ्रैंकफर्ट में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतिभा पारकर ने किया. मेटेक के दौरान मेकन ने टेनोवा मेटल्स डॉइच्लेंड जीएमबीएच के साथ सेकेंडरी धातु कर्म के सिस्टम वीडी, वीएडी, वीओडी व आरएच के क्षेत्र में आपसी सहयोग के लिए एमओयू किया.
इसके साथ ही पावर प्लांट्स के लिए फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन सिस्टम के क्षेत्र में आपसी सहयोग के लिए झेजियांग टेंगी पर्यावरण प्रौद्योगिकी के साथ एमओयू किया. मेकन के सीएमडी अतुल भट्ट ने भारतीय इस्पात उद्योग में अवसरों पर प्रस्तुति दी. उन्होंने राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 से उत्पन्न अवसरों पर पर कहा कि वर्ष 2030-31 तक 300 मिलियन टन कच्चे इस्पात का लक्ष्य रखा गया है.
जो वर्तमान में 138 मिलियन टन है.वहीं टाटा स्टील लिमिटेड के सीइओ और प्रबंध निदेशक व सीआइआइ के उपाध्यक्ष टीवी नरेंद्रन ने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास कच्चा माल और अपना विशाल घरेलू बाजार है. जो फायदेमंद है.
मौके पर सेल के अध्यक्ष अनिल चौधरी, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अध्यक्ष नवीन जिंदल, टाटा स्टील लिमिटेड के अध्यक्ष आनंद सेन, पॉल वर्थ के सीइओ जॉर्ज रसेल, डेनियली कोरस के सीइओ डॉ थॉमस उपस्थित थे.
