मोटरवाहन एक्ट से व्यापारी परेशान, बैठक में दी चेतावनी, कहा- झारखंड छोड़ कर चले जायेंगे बंगाल

नये झारखंड मोटरवाहन एक्ट से व्यापारी परेशान रांची : झारखंड में एक फरवरी 2019 से नया झारखंड मोटरवाहन करारोपण एक्ट 2018 लागू होने से व्यापारी काफी परेशान हैं. इसे लेकर झारखंड चेंबर भवन में जेसीबी, टाटा, एलएंडटी व लोडर मशीन मालिक और कंपनी के डीलर व विक्रेताओं ने मंगलवार को बैठक की. मशीन मालिकों का […]

नये झारखंड मोटरवाहन एक्ट से व्यापारी परेशान
रांची : झारखंड में एक फरवरी 2019 से नया झारखंड मोटरवाहन करारोपण एक्ट 2018 लागू होने से व्यापारी काफी परेशान हैं. इसे लेकर झारखंड चेंबर भवन में जेसीबी, टाटा, एलएंडटी व लोडर मशीन मालिक और कंपनी के डीलर व विक्रेताओं ने मंगलवार को बैठक की. मशीन मालिकों का कहना था कि हम मशीन मालिक सरकार को लगातार त्रैमासिक रोड टैक्स का 2,300 से 4,000 रुपये भुगतान कर रहे हैं.
लेकिन इस नये मोटर वाहन एक्ट के अनुसार एक-एक मशीन मालिक को एकमुश्त 2.50 लाख से 4.75 लाख रुपये तक का डिमांड नोटिस दिया जा रहा है. सदस्यों ने कहा कि जेसीबी, टाटा, एलएंडटी और लोडर मशीनें नन ट्रांसपोर्ट श्रेणी में आती हैं. ये मशीनें सड़क पर नहीं चलती हैं. बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में खनिज, लोहा, कोयला और मिट्टी लोडिंग करती हैं.
दोगुने से भी ज्यादा मांग रहे टैक्स : सदस्यों ने कहा कि नये अधिनियम में कहा गया है कि मशीन की कीमत का जीएसटी छोड़ कर, जो मूल्य होता है, उसका सात प्रतिशत टैक्स एकमुश्त देना होगा. यह 12 साल तक मान्य होगा. समस्या है कि मशीन मालिक अपने लोडर का 3641 रुपये त्रैमासिक टैक्स भुगतान करते आये हैं. उन्हें अब एकमुश्त 4.75 लाख रुपये भुगतान करने को कहा जा रहा है.
12 साल का एकमुश्त टैक्स त्रैमासिक 3641 रुपये के अनुसार 12 साल के लिए केवल 1,74,768 रुपये होता है, वहीं संबंधित वाहन मालिक से 4.75 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं. सदस्यों ने कहा कि यही स्थिति रही, तो पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्य चले जायेंगे.
घट गयी है बिक्री : जमशेदपुर से जेसीबी कंपनी के डीलर ने कहा कि झारखंड में पहले हर माह 70 से 80 मशीनों की बिक्री होती थी. अब मुश्किल से 20-25 मशीनों की बिक्री हो रही है. अब वाहन मालिक झारखंड के बजाय पश्चिम बंगाल, बिहार, ओड़िशा से मशीनें खरीद कर वहीं चलाना पसंद कर रहे हैं.
जो मशीन झारखंड में लोग दो-चार साल पहले खरीद चुके हैं और फरवरी 2019 तक टैक्स का भुगतान कर चुके हैं, ऐसे मशीन मालिक जब विभाग से एकमुश्त पैसा देने की क्षमता नहीं होने की बात कहते हैं, तो उन्हें कहा जाता है कि एनओसी लेने के लिए भी 12 वर्ष का बढ़ा हुआ दोगुना एकमुश्त टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा. चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री, परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त से कई बार बैठक कर पक्ष रखा गया है, लेकिन विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए पहल नहीं की है. बैठक में विनोद नेमानी, अभिषेक नेमानी, पतरातू से निशांत कुमार, सरफराज अंसारी, अभिषेक मोदी, अभिषेक सिंह, रामगढ़ से बजरंग लाल अग्रवाल, सुशील महतो, एसपी चौधरी, अरूण मोदी सहित कई सदस्य उपस्थित थे.

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