रांची : 2021 तक नये होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता नहीं

केंद्र सरकार ने झारखंड हाइकोर्ट को बताया, क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल पा रही है रांची : देश के होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेजों में क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल रहा है. कॉलेजों में इफ्रांस्ट्रक्चर की कमी है. पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. वर्ष 2018 में सरकुलर जारी किया गया है. देश में जो होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल संचालित […]

केंद्र सरकार ने झारखंड हाइकोर्ट को बताया, क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल पा रही है
रांची : देश के होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेजों में क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल रहा है. कॉलेजों में इफ्रांस्ट्रक्चर की कमी है. पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. वर्ष 2018 में सरकुलर जारी किया गया है. देश में जो होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं, उनकी दोबारा गहराई से जांच की जायेगी.
पूरे देश में नये कॉलेजों को दो सत्र 2019-20 व 2020-2021 तक संबद्धता नहीं दी जायेगी. नये कॉलेज एंड हॉस्पिटल खोलने के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जायेगा. पुराने कॉलेजों में व्याप्त खामियों को दूर कराया जायेगा. पुराने कॉलेजों की व्यवस्था को दुरुस्त कराने के बाद नये कॉलेजों की संबद्धता पर विचार किया जायेगा.
सोमवार को झारखंड हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई के दाैरान केंद्र सरकार की अोर से अधिवक्ता राजीव सिन्हा, अधिवक्ता नीरज कुमार ने उक्त जानकारी दी. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
प्रार्थी ने कहा-राज्य सरकार ने एनओसी दिया है कॉलेज का निरीक्षण कराने का आग्रह किया
इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि लक्ष्मी चंद्रवंशी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सारी व्यवस्थाएं की गयी है. नियमों के अनुसार वहां व्यवस्था की गयी है. राज्य सरकार ने एनअोसी भी दे दिया है.
केंद्र सरकार के पास आवेदन दिया गया है. उन्होंने कॉलेज का शीघ्र निरीक्षण कराने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी लक्ष्मी चंद्रवंशी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की अोर से याचिका दायर कर कॉलेज के आवेदन पर कार्रवाई करने की मांग की गयी है.

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