रांची : ऑनलाइन भुगतान के लिए 10 दिनों में करें संशोधन

रांची : मंत्रिमंडल सचिवालय व निगरानी विभाग ने खतियान उपलब्ध नहीं रहने के बाद भी अॉनलाइन लगान भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को दे दिया है. इसके तहत सचिव को पत्र लिखा गया है कि वह अॉनलाइन लगान भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर में 10 दिनों के अंदर संशोधन […]

रांची : मंत्रिमंडल सचिवालय व निगरानी विभाग ने खतियान उपलब्ध नहीं रहने के बाद भी अॉनलाइन लगान भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को दे दिया है.
इसके तहत सचिव को पत्र लिखा गया है कि वह अॉनलाइन लगान भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर में 10 दिनों के अंदर संशोधन करायें. एनआइसी को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जाये. साथ ही सभी जिलों में कैंप लगा कर लगान भुगतान करायें.
11 जून को मंत्रिपरिषद की बैठक में फैसला हुआ था कि जिन रैयतों के खतियान उपलब्ध नहीं हैं या फटे हुए हैं, उनसे भी लगान लेने की व्यवस्था की जाये. इसके लिए दूसरा विकल्प निकालने को कहा गया था.
इसके आधार पर ही विभाग ने र���जस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि ऑनलाइन लगान भुगतान के दौरान खतियान के मिलान की व्यवस्था की गयी है, पर बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनका खतियान नहीं है या जर्जर स्थिति में है. ऐसे में उनका डिजिटाइजेशन नहीं किया जा सका है. खतियान से मिलान अनिवार्य होने के कारण लगान रसीद निर्गत नहीं हो रहा है. ऐसे में लोग संकट में फंसे हुए हैं. बिना रसीद के कुछ काम नहीं कर पा रहे हैं.
घर बनाने तक के लिए ऋण नहीं ले पा रहे हैं. इनकी समस्या को देखते हुए ही यह फैसला हुआ है. सचिव को लिखा गया है कि अब खतियान की जगह उपलबध दस्तावेजों का सत्यापन किया जाये. अंचलाधिकारी जमीन का भौतिक सत्यापन करा कर जब संतुष्ट हो जायेंगे, तो पंजी टू के आधार पर लगान भुगतान की स्वीकृति देंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >