सरफेस और ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करना जरूरी : गौतम

रांची : झारखंड राय विवि अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग द्वारा जल क्रांति अभियान पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के स्टेट इंचार्ज गौतम रॉय ने कहा कि जल संरक्षण क्रांति के लिए जल को बचाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि सरफेस वाटर और ग्राउंड वाटर रिचार्ज को भी […]

रांची : झारखंड राय विवि अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग द्वारा जल क्रांति अभियान पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के स्टेट इंचार्ज गौतम रॉय ने कहा कि जल संरक्षण क्रांति के लिए जल को बचाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि सरफेस वाटर और ग्राउंड वाटर रिचार्ज को भी बढ़ाना है.

उन्होंने जल ग्राम योजना की जानकारी दी, जो जलक्रांति के लिए मुख्य सिद्धांतों में है. उन्होंने बताया कि जल ग्राम के तहत प्रत्येक जिले के दो गांवों का चयन किया जाता है, जहां पानी की स्थिति गंभीर है. रांची जिला के नामकुम प्रखंड के हहाप और तमाड़ प्रखंड के पारसी गांव का चयन किया गया है.
झारखंड की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि धनबाद, झरिया, बेरमो में पानी की स्थिति भयावह है. जल संरक्षण के लिए जन जागरूकता बेहद जरूरी है. सामुदायिक सहयोग के बिना यह अभियान सफल नहीं हो सकता़ उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि नदियों का बहाव पश्चिम से पूर्व की तरफ होता है.
जैसे स्वर्णरेखा, हरमू नदी आदि. रांची शहर के अंदर बहती नदियों व छोटे नालों के कारण पठारी स्थल होने के बाद भी पानी की समस्या नहीं रहती थी, जबकि राज्य के तीन ब्लॉक में आर्सेनिक व 16 ब्लॉक में आयरन की भरपूर मात्रा मिलती है. मौके पर सलाहकार कालोंन साहा, सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष एनके राय ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. इससे पूर्व विवि के रजिस्ट्रार डॉ पीयूष रंजन व निदेशक कॉरपोरेट रिलेशन प्रो अभिजीत घोष ने अतिथियों का स्वागत किया.

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