15 जून से बंद हो जायेंगे सारे बालू घाट, हो सकती है बालू की कमी
रांची : 15 जून से राज्य के सारे बालू घाटों से बालू का उत्खनन बंद हो जायेगा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार मॉनसून शुरू होते ही बालू घाटों से बालू के उत्खनन पर रोक है. यह रोक 15 जून से 15 सितंबर तक रहता है. इधर, 15 जून के बाद बालू संकट के मद्देनजर खान […]
15 जून से बंद हो जायेंगे सारे बालू घाट, हो सकती है बालू की कमी
रांची : 15 जून से राज्य के सारे बालू घाटों से बालू का उत्खनन बंद हो जायेगा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार मॉनसून शुरू होते ही बालू घाटों से बालू के उत्खनन पर रोक है. यह रोक 15 जून से 15 सितंबर तक रहता है. इधर, 15 जून के बाद बालू संकट के मद्देनजर खान विभाग क्राइसिस मैनेजमेंट में जुट गया है.
एक अधिकारी ने बताया कि अभी गरमी के मौसम में तेजी से निर्माण कार्य हो रहे हैं. खासकर सरकारी भवन, पुल-पुलिया, फ्लाइओवर आदि का. यदि बालू संकट होगा, तो सारी योजनाएं तीन माह तक ठप हो जायेंगी. इसके लिए विभाग द्वारा खास निर्देश झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी) को दिया गया है. गौरतलब है कि राज्य सरकार छोटे बालू घाटों के संचालन की जवाबदेही जेएसएमडीसी को दे चुकी है.
एनजीटी के आदेश से पूर्व से ही 654 में लगभग 400 बालू घाटों से उत्खनन बंद है. एनजीटी द्वारा 13.9.2018 तथा 11.12.2018 के आलोक में पांच से 25 हेक्टेयर तक के बालू घाटों के पर्यावरणीय स्वीकृति में इनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट व इनवायरमेंटल मैनेजमेंट प्लान एवं जनसुनवाई अनिवार्य कर दी गयी है. इसके कारण बड़े बालू घाटों को चालू करने में और सारी प्रक्रियाओं को पूरी करने में छह से सात माह लग जायेंगे.
हालांकि जेएसएमडीसी पांच हेक्टेयर से कम के 60 बालू घाटों और पांच हेक्टेयर से अधिक के 33 बालू घाटों के लिए 26 फरवरी को निविदा जारी कर चुकी थी. बालू संकट की स्थिति से निपटने के लिए ही जेएसएमडीसी द्वारा पांच हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल के 60 बालू घाटों का रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजेल (आरएफपी) निकाला गया था़ चूंकि इसके लिए ज्यादा प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती है. केवल स्टेट इनवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) से अनुमति लेनी पड़ती है. यह आरएफपी जेएसएमडीसी द्वारा बालू घाटों में माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टॉकिंग और लोडिंग के लिए एजेंसी चयन के लिए निकाली गयी थी.
बालू की बिक्री जेएसएमडीसी द्वारा अॉनलाइन किया जाना है. इसी दौरान अाचार संहिता लग जाने के कारण निविदा प्रक्रिया लंबित है. पांच हेक्टेयर से कम के बालू घाटों के प्राइस बिड खोले जा चुके हैं. जेएसएमडीसी के एक अधिकारी ने बताया कि यह सही है कि 15 जून से बालू उत्खनन पर रोक है. खान विभाग क्राइसिस मैनेजमेंट में जुटा है. विभाग का प्रयास है कि अाचार संहिता समाप्त होते ही चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट कर लिया जायेगा व तत्काल बालू उत्खनन का आदेश दिया गया है. स्टेट इनवायरमेंटल इंपैक्ट असेसमेंट अथॉरिटीके पास 30 से अधिक बालू घाटों के पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन दिये जा चुके हैं.