रांची : सेप्टिक टैंक में पनप रहे मलेरिया व डेंगू के मच्छर

रांची : रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में डेंगू व मलेरिया से पीड़ित मरीज भर्ती हैं. वहीं वार्ड के बाहर सेप्टिक टैंक का पानी जमा है. पानी में डेंगू व मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं. खिड़की का दरवाजा भी टूटा हुआ है. इस कारण मच्छरों के वार्ड में प्रवेश करने की संभावना बनी रहती है. […]

रांची : रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में डेंगू व मलेरिया से पीड़ित मरीज भर्ती हैं. वहीं वार्ड के बाहर सेप्टिक टैंक का पानी जमा है. पानी में डेंगू व मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं.
खिड़की का दरवाजा भी टूटा हुआ है. इस कारण मच्छरों के वार्ड में प्रवेश करने की संभावना बनी रहती है. सफाई कर्मी वार्ड व बाहर की सफाई तो करते हैं, लेकिन वार्ड के बाहर सेप्टिक टैंक से निकले हुए पानी को रोक नहीं पाते हैं. सफाई एजेंसी का कहना है कि सेप्टिक टैंक की सफाई का जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है.
रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कुछ दिन पहले अस्पताल परिसर के निरीक्षण के दौरान जलजमाव की सफाई करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद वहां की स्थिति अभी भी जस की तस ही बनी हुई है. इसके अलावा रिम्स के बेसमेंट में भी जलजमाव की सफाई कराने का निर्देश भी दिया था. कोर्ट ने भी रिम्स प्रबंधन से बेसमेंट में हुए जलजमाव को हटाने को कहा था.
बरसात में स्थिति होगी और बदतर : रिम्स परिसर में बरसात में स्थिति और भी बदतर हो जायेगी.ऐसे में बरसात से पहले सेप्टिक टैंक की सफाई करा लेनी होगी. वर्ष 2018 के जून व जुलाई में रिम्स के अोपीडी ब्लॉक व अस्पताल परिसर में चिकनगुनिया, डेंगू व मलेरिया का लार्वा मिला था.
जलजमाव के बारे में जानकारी है. इसकी सफाई का निर्देश लगातार दिया जाता रहा है. अगर सेप्टिक टैंक का पानी जमा हुआ है, तो इसे तुरंत साफ कराया जायेगा.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक

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