रिम्स : 36 में से 18 बेड पर नहीं लगे हैं मॉनिटर, एक वेंटिलेटर है, वह भी दे देता है जवाब

रिम्स की मेडिसिन आइसीयू ही नहीं सर्जरी आइसीयू की भी हालत खस्ता रांची : रिम्स की मेडिसिन आइसीयू में वेंटिलेटर और मॉनिटर खराब होने पर स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स प्रबंधन से जवाब मांगा है. लेकिन, सर्जरी आइसीयू की हालत तो इससे भी खराब है. 36 बेड की सर्जरी आइसीयू में से 18 बेड पर मॉनिटर […]

  • रिम्स की मेडिसिन आइसीयू ही नहीं
  • सर्जरी आइसीयू की भी हालत खस्ता
रांची : रिम्स की मेडिसिन आइसीयू में वेंटिलेटर और मॉनिटर खराब होने पर स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स प्रबंधन से जवाब मांगा है. लेकिन, सर्जरी आइसीयू की हालत तो इससे भी खराब है. 36 बेड की सर्जरी आइसीयू में से 18 बेड पर मॉनिटर नहीं लगे हैं. वहीं, शेष 18 बेड में लगे मॉनिटर में कई खराब है. आइसीयू में एक वेंटिलेटर है. वह भी बीच-बीच में जवाब दे देता है. ऐसे में मेडिसिन आइसीयू के साथ-साथ सर्जरी आइसीयू काे भी दुरुस्त करने की जरूरत है.
सर्जरी विभाग की आइसीयू को बेहतर बनाने के लिए विभाग द्वारा कई बार रिम्स प्रबंधन को सूचित किया गया है, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिलता है. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह को विभागाध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव दिया गया है. निदेशक ने सर्जरी आइसीयू को बेहतर करने का आश्वासन दिया है. सर्जरी विभाग के सीनियर डॉक्टर भी यह मानते हैं कि सर्जरी आइसीयू तो सिर्फ नाम का है, यह तो सामान्य वार्ड की तरह ही है.
मेडिसिन आइसीयू की बदहाली पर रिम्स प्रबंधन से जवाब तलब कर चुके हैं स्वास्थ्य सचिव
सर्जरी आइसीयू काे भी दुरुस्त करने की जरूरत, कई बार प्रबंधन को दी जा चुकी है जानकारी
अस्पताल के सभी ऑपरेशन थिएटर को माॅड्यूलर बना दिया गया है, कुछ में काम चल रहा है. अब सभी विभाग की आइसीयू को बेहतर बनाया जायेगा. अधिकांश वेंटिलेटर ठीक हैं. जो खराब हैं, उनको दुरुस्त करने के लिए कंपनी को निर्देशित किया गया है.
डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक रिम्स
रोजाना होते हैं 12 से 15 बड़े ऑपरेशन
रिम्स के सर्जरी विभाग में प्रतिदिन तीन यूनिट का ऑपरेशन शेड्यूल तैयार होता है, जिसमें 12 से 15 मरीजों का बड़े ऑपरेशन किये जाते हैं. ऑपरेशन के बाद मरीजों को आइसीयू में रखने की जरूरत होती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >