रांची : जल संकट से निबटने की तैयारी

बहुमंजिली इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करेगा रांची नगर निगम रांची : राजधानी के जितने भी भवन मालिकों ने अपने यहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने की जानकारी रांची नगर निगम को दी है, उनका भौतिक सत्यापन कराया जायेगा. रांची नगर निगम पहले चरण में बहुमंजिली इमारतों की जांच करायेगा. वहीं, दूसरे चरण […]

बहुमंजिली इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करेगा रांची नगर निगम
रांची : राजधानी के जितने भी भवन मालिकों ने अपने यहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने की जानकारी रांची नगर निगम को दी है, उनका भौतिक सत्यापन कराया जायेगा. रांची नगर निगम पहले चरण में बहुमंजिली इमारतों की जांच करायेगा. वहीं, दूसरे चरण में छोटे भवनों की जांच की जायेगी.
गौरतलब है कि वर्ष 2016 में रांची नगर निगम ने नयी होल्डिंग टैक्स नियमावली लागू की थी. इसमें यह प्रावधान किया गया था कि जिन भवनों के परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं होगा, उनके मालिकों से डेढ़गुना टैक्स वसूला जायेगा. इसके बाद शहर के हजारों भवन मालिकों ने सेल्फ असेसमेंट का फॉर्म जमा किया था, जिसमें उन्होंने अपने यहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होने का दावा किया था. फिलहाल, रांची नगर निगम के पास 32 हजार भवनों की सूची मौजूद है, जिनमें रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाये जाने का दावा किया गया है. हालांकि, अब तक इनकी वास्तविकता की जांच नहीं की गयी है.
भवनों के सामने सड़कों की चौड़ाई भी नापेंगे
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जांच के साथ नगर निगम इन इमारतों के सामने की सड़कों की चौड़ाई की भी जांच करेगा. क्योंकि, भवनों के होल्डिंग टैक्स का निर्धारण इस बार सड़कों की चौड़ाई के आधार पर हुआ है. आशंका जतायी जा रही है कि काफी संख्या में भवन मालिकों ने टैक्स बचाने के लिए अपने भवन के सामने की सड़कों की चौड़ाई को कम करके दर्शाया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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