रांची : ब्लड बैंकों में खून की किल्लत, रिम्स के ब्लड बैंक में मात्र 41 यूनिट ही खून उपलब्ध

फिलहाल रिम्स में भर्ती मरीजों को जैसे-तैसे खून उपलब्ध कराया जा रहा है. आशंका जतायी जा रही है कि खून की किल्लत से रिम्स में शनिवार को होनेवाले ऑपरेशन भी प्रभावित हो सकते हैं. रक्तदान के लिए किया जा रहा है प्रेरित खून की कमी के कारण रिम्स में भर्ती मरीजों को भी रक्तदान कर […]

फिलहाल रिम्स में भर्ती मरीजों को जैसे-तैसे खून उपलब्ध कराया जा रहा है. आशंका जतायी जा रही है कि खून की किल्लत से रिम्स में शनिवार को होनेवाले ऑपरेशन भी प्रभावित हो सकते हैं.
रक्तदान के लिए किया जा रहा है प्रेरित
खून की कमी के कारण रिम्स में भर्ती मरीजों को भी रक्तदान कर खून लेने के लिए कहा जा रहा है. इसके अलावा जिस ग्रुप का खून लेना है, उसी ग्रुप के रक्तदाता को भी लाने के लिए बोला गया है.
रिम्स में खून की कमी की मुख्य वजह एनिमिया, थैलेसिमिया, हिमोफिलिया और जननी सुरक्षा योजना के तहत भर्ती होनेवाली गर्भवती महिलाआें को नि:शुल्क खून उपलब्ध कराना भी है. इसके अलावा दुर्घटना में घायल मरीजों को भी बिना डोनर के खून दिया जाता है.
30 दिन में खराब हो जाता है खून
रक्तदान करने के बाद खून को एकत्र रखा जाता है, लेकिन 30 दिन के बाद यह खून उपयोग के लायक नहीं रहता है. रिम्स के पास औसतन 150 यूनिट तक खून रहता है. इसमें से प्रतिदिन 80 से 90 यूनिट खून मरीजों को दिया जाता है. एेसे में हमेशा यहां खून की कमी बनी रहती है.
इसलिए यहां खून के एक्सपायर होने का सवाल ही नहीं उठता. ब्लड बैंक केवल उस खून को डिस्पोज करता है, रक्तदान शिविर के जरिये एकत्रित किया जाता है और जांच में संक्रमित पाया जाता है.
खून संग्रहित करने के लिए माइनस 80 डिग्री का फ्रीज
रिम्स ब्लड बैंक में खून को संग्रहित करने के लिए दो अत्याधुनिक फ्रीज रखे गये हैं. एक फ्रीज -40 डिग्री और दूसरा -80 डिग्री का है. घरेलू फ्रीज -2 से -8 डिग्री तक रहता है, जिसमें खून को रखने पर यह तीन से चार घंटा में खराब हो जाता है.

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