साफ हो जायेगी तस्वीर. टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला
रांची : यह साबित हो चुका है कि फुटपाथ दुकानदारों के पुनर्वास के लिए बने ‘अटल स्मृति वेंडर मार्केट’ में दुकानों के आवंटन में हुई धांधली हुई थी. सबसे पहले प्रभात खबर ने 25 मार्च के अंक में इससे संबंधित खबर प्रकाशित की थी.
इसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर 11 फर्जी लाभार्थियों को चिह्नित किया गया था. समय बीतने के साथ ही फर्जी लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 18 हो गयी है. मंगलवार को हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया कि वेंडर मार्केट में दुकानें लेनेवाले सभी फुटपाथ दुकानदारों का रि-वेरिफिकेशन किया जायेगा, ताकि वास्तविक और फर्जी लाभार्थियों की पहचान की जा सके.
उपनगर आयुक्त शंकर यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय हुआ कि सभी फुटपाथ दुकानदारों का रि-वेरिफिकेशन टाउन वेंडिंग कमेटी के 30 सदस्य करेंगे.
इसमें अगर ऐसे लोगों के नाम सामने आये, जिन्होंने ने कभी भी फुटपाथ पर दुकान नहीं लगायी है, तो उनका नाम उसी समय सूची से हटा दिया जायेगा. बैठक में उप नगर आयुक्त के अलावा सहायक नगर आयुक्त रजनीश कुमार, सिटी मिशन मैनेजर विकास कुमार, सौरभ वर्मा सहित कमेटी के सदस्य फुटपाथ दुकानदार और झारखंड चेंबर के पदाधिकारी शामिल थे.
400 से अधिक दुकानदारों का हो चुका था आवंटन
अटल स्मृति वेंडर मार्केट में 471 दुकानें बनायी गयी हैं. इनमें से करीब 400 दुकानें आठ मार्च को लॉटरी के जरिये फुटपाथ दुकानदारों को आवंटन की जा चुकी हैं. इसके बाद से ही फुटपाथ दुकानदारों ने आवंटन में धांधली का आरोप लगाना शुरू कर दिया था.
उन्होंने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर फर्जी लोगों का आवंटन रद्द करने की मांग की थी. फुटपाथ दुकानदारों का आरोप था कि नगर निगम के ही कुछ कर्मचारी और पदाधिकारियों ने फर्जी लाभार्थियों को वेंडर मार्केट में दुकान उपलब्ध कराने में सहयोग किया है. इसके लिए मोटी रकम भी वसूली गयी है. ऐसे कर्मचारियों और पदाधिकारी का कठोर कार्रवाई होनी चाहिए
