रांची : राज्य के मदरसों की संबद्धता के लिए विश्वविद्यालय एक्ट में बदलाव होगा. राज्य में वैसे मदरसे जिनकी आलिम (बीए)-फाजिल (एमए) की परीक्षा जैक द्वारा ली जाती थी, उसे पूर्व के संसाधन के आधार पर ही मान्यता दी जायेगी. इसके लिए विवि एक्ट में बदलाव किया जायेगा. एक्ट में बदलाव के लिए प्रस्ताव को राज्य के सभी विश्वविद्यालय के सिंडिकेट से स्वीकृत कराना होगा. शिक्षा विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव रांची विश्वविद्यालय को भेजा है.
रांची विवि की पांच अप्रैल को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जायेगा. एक्ट में बदलाव से मदरसा को पूर्व की जमीन, भवन, वर्ग कक्ष, पुस्तकालय के आधार पर ही संबद्धता मिल सकेगी.
यह छूट उन्हीं मदरसों को मिलेगी जिसकी परीक्षा पूर्व में जैक द्वारा ली जाती थी. नये मदरसा को विवि एक्ट के प्रावधान के अनुरूप मान्यता की शर्त को पूरा करना होगा. राज्य भर के मदरसा के आलिम-फाजिल की परीक्षा लेने की जिम्मेदारी अब विनोबा भावे विश्वविद्यालय को दी जायेगी. एक्ट में बदलाव के साथ राज्य के सभी मदरसे विनोबाभावे विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जायेंगे. सरकार द्वारा पूर्व में रांची विवि को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गयी थी. विवि ने पाठ्यक्रम भी तैयार किया था. पाठ्यक्रम को रांची विवि के एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृति भी मिल गयी थी.
क्यों लिया गया निर्णय : राज्य में आलिम-फाजिल की परीक्षा जैक के स्तर से ली जाती थी. जबकि जैक इंटर तक की परीक्षा लेने के लिए ही अधिकृत हैं.
ऐसे में मदरसा से बीए व एमए करने पर उसकी डिग्री को मान्यता नहीं मिलती थी. इस कारण सरकार ने वर्ष 2017 में ही निर्णय लिया कि अब जैक आलिम-फाजिल की परीक्षा नहीं लेगा. पर विवि स्तर से परीक्षा की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है. इस कारण सरकार के आग्रह पर जैक अब भी आलिम-फाजिल की परीक्षा ले रहा है.
