रांची : फर्जी नंबर प्लेट लगी स्कूटी ने रेड लाइट जंप की, लेकिन उसका चालान सही नंबर वाले वाहन मालिक को भरना पड़ा. इस घटना के भुक्तभोगी वाहन मालिक रामगढ़ निवासी दीपक सिंह मुंडा ने रांची की ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाया है. मीडियाकर्मियों से संपर्क कर उन्होंने अपनी पीड़ा बतायी है.
श्री मुंडा ने बताया कि 26 मार्च को डाक के जरिये उनके घर चालान पहुंचा. उसमें लिखा था कि 19 जनवरी को उनकी स्कूटी (जेएच 01बीसी- 5554) ने रेड लाइट जंप किया है. वे चालान देखकर चौंक गये क्योंकि 19 जनवरी को वे रांची आये ही नहीं थे. इतना ही नहीं, चालान में जिस नंबर का जिक्र किया गया था, वह स्कूटी का नहीं, बल्कि उनकी बाइक यामाहा एफजेड-16 का है.
श्री मुंडा ने हैरानी जतायी कि रांची की ट्रैफिक पुलिस ने जिस माध्यम से उनके घर का पता मालूम किया, क्या उसमें इसका उल्लेख नहीं था कि यह नंबर स्कूटी का नहीं, बल्कि बाइक का है? अगर पुलिस इतनी लापरवाह है, तो कोई भी अपराधी किसी आम आदमी के वाहन का नंबर लगाकर आसानी से वारदात को अंजाम दे देगा और वाहन का असली मालिक फंस जायेगा.
