कोडरमा-रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित 12वीं भौतिकी की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ की जा रही है.
मंगलवार को काेडरमा डीसी भुवनेश प्रताप सिंह व एसपी डाॅ एम तमिल वाणन ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरिडीह के बगोदर में संचालित राजकीयकृत प्लस टू हाइस्कूल के अनुसेवक अजय कुमार यादव (निवासी-कपिलो सरिया) ने दोपहर 1:25 से 1:30 बजे के बीच प्रश्नपत्र लीक किया था. उसने सेंटर पर मोबाइल से प्रश्नपत्र की फोटो लेकर आकांक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यालय में पूर्व में कोचिंग देने वाले निजी शिक्षक अभिषेक कौशल (निवासी-बगोदर) को व्हाट्सअप किया. इसके बाद प्रश्नपत्र अन्य व्हाट्सअप ग्रुप पर वायरल हुआ और कई विद्यार्थियों के बीच पहुंचा.
इस मामले में किसी और की संलिप्तता है या नहीं, इसको लेकर भी जांच की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले की जानकारी मिलने पर कोडरमा एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद व एसडीओ विजय वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गयी. टीम ने तीन दिन के अंदर रैकेट का खुलासा करते हुए मुख्य सूत्रधार को पकड़ लिया.
अधिकारियों ने बताया कि अजय व अभिषेक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. शनिवार को प्रश्नपत्र फेसबुक पर अपलोड होने की सूचना मिली थी. शाम करीब 6:30 बजे मामले की जांच शुरू की गई, इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मुख्य सूत्रधार तक पहुंचा गया.
फिलहाल कोडरमा, हजारीबाग व गिरिडीह के छात्रों के बीच लीक प्रश्नपत्र के पहुंचने की जानकारी सामने आई है. परीक्षा केंद्र पर कर्मचारी के पास प्रश्नपत्र नहीं होना चाहिए था. ऐसे में संबंधित केंद्राधीक्षक व अन्य शिक्षकों को हटाने को लेकर गिरिडीह डीसी को पत्राचार किया जा रहा है. साथ ही पूरे मामले को लेकर जैक को रिपोर्ट भेजी जा रही है. संबंधित विषय की परीक्षा रद्द करना या नहीं करना, काउंसिल पर निर्भर करता है.
कोचिंग संचालक भी लपेटे में : शनिवार को प्रश्नपत्र को सबसे पहले तिलैया में कोचिंग संस्थान चलाने वाले पप्पू यादव ने फेसबुक पर अपलोड किया था. जब मामले ने तूल पकड़ा, तो पुलिस टीम ने जांच शुरू की. इस दौरान दर्जन भर छात्रों, कोचिंग संचालकों से पूछताछ की गई.
जानकारी सामने आई है कि पप्पू को मरकच्चो के भोला मोदी ने प्रश्नपत्र व्हाट्सअप पर दिया था. इससे पहले पारस, एजाज का नाम आया.
एक अन्य एजाज से हुई पूछताछ में पता चला कि माई बांड ओनली फॉर क्लास 12 व्हाट्सअप ग्रुप में प्रश्नपत्र मिला था. इस ग्रुप के एडमिन हजारीबाग के कोचिंग संचालक सुभाष यादव से पूछताछ के बाद नवीन कुमार का नाम आया. नवीन को नारायण से प्रश्नपत्र मिला था. पूछताछ में नारायण ने बताया कि उसे मेंटर्स कोचिंग ग्रुप हजारीबाग से प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ था. इस ग्रुप में मरकच्चो निवासी दीपांकर भारती ने प्रश्नपत्र भेजा था. दीपांकर को पवन साव (निवासी- सरिया), जबकि पवन को अभिषेक से व अभिषेक को कर्मचारी अजय यादव ने प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ था. एसपी ने बताया कि जिन लोगों ने प्रश्नपत्र को फाॅरवर्ड किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी.
अभिषेक ने भाई के लिए मांगा था प्रश्नपत्र, फिर दो हजार रुपये में दूसरे को दे दिया
पुलिस जांच में यह बात सामने आयी है कि निजी शिक्षक अभिषेक व कर्मचारी अजय के बीच पुराना संबंध है. अभिषेक ने अजय को यह कहा कि उसका भाई परीक्षा दे रहा है, इसलिए प्रश्नपत्र पहले चाहिए.
इसी बात पर अजय ने केंद्र पर प्रश्नपत्र खुलते ही मोबाइल से भेज दिया. इससे पहले अभिषेक ने एक अन्य छात्र पवन से प्रश्नपत्र देने के नाम पर दो हजार रुपये में बातचीत कर ली थी. बातचीत के अनुसार, पैसे लेने से पूर्व उसने व्हाट्सअप पर प्रश्नपत्र भेज दिया. इसके बाद यह वायरल हो गया. अल्पसंख्यकों को विदेश में पढ़ाई के लिए 30 लाख रुपये तक लोन
