रांची : सरकारी योजनाओं से जीवन में खुशहाली लाने के लिए जागरूकता जरूरी है. ग्रामीणों का लक्ष्य योजना से लाभ प्राप्त करना होना चाहिए. इसके लिए योजना की सही जानकारी व उसका प्रचार-प्रसार जरूरी है.
उक्त बातें श्रमिक शिक्षा बोर्ड के उपनिदेशक अमिताभ प्रकाश ने कही. वे अनगड़ा पंचायत भवन में आयोजित दो दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में बोल रहे थे. शिविर का आयोजन उषा मार्टिन सीएसआर और दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशालय रांची द्वारा असंगठित मजदूरों के लिए किया गया.
श्री प्रकाश ने कहा कि राशन दुकान से जितना किलो अनाज मिलना चाहिए, उससे एक ग्राम कम अनाज भी ग्रामीणों को नहीं लेना चाहिए. कम अनाज दिये जाने पर वरीय अधिकारियों से शिकायत करें. अगर राशन किसी कारण नहीं ले पाते हैं, तो दूसरे माह में बकाया राशन भी लें.
इस अवसर पर कारखाना के एचआर हेड विवेक कृष्ण ने कहा कि अपने अधिकार के लिए गांव वासियों को एक-दूसरे को सहयोग व जागरूक करने की जरूरत है. व्यक्ति के जीवन में गुणात्मक बदलाव जरूरी है, तभी सरकारी योजना का उद्देश्य पूरा हो सकेगा.
कृषि विशेषज्ञ सचिंद्र कुमार ने बागवानी पर किसान व ग्रामीणों के सवालों का जवाब दिया. उन्होंने बताया कि आम के मंजर को बचाने के लिए अार्गेनिक खाद का उपयोग करें. जरूरी हो, तभी अाम के पेड़ की सिंचाई करें. ग्राम प्रधान लोकनाथ पाहन ने कहा कि उषा मार्टिन का यह प्रयास सराहनीय है. इससे लोगों को लाभ मिल रहा है. इस अवसर पर उषा मार्टिन के सीएसआर हेड डॉ मयंक मुरारी ने सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
शालिनी अस्पताल के शिशिर भगत ने बताया कि अस्पताल में आयुष्मान भारत के तहत गरीब लोगों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है. कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों को श्रमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से मानदेय भी दिया जायेगा. शिविर में सीएसआर की सुनीता देवी, भुनेश्वर महतो के अलावा में जानुम, अनगड़ा और नारायण सोसो गांव के ग्रामीण मौजूद थे.
