रांची : प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन का पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ का इनामी सुधाकरण उर्फ सुधाकर और 25 लाख की इनामी उसकी पत्नी नीलिमा ने बुधवार को विधिवत तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. इस दौरान नीलिमा ने सनसनीखेज खुलासे किये.
उसने कहा कि छत्तीसगढ़ में पति के साथ पहले संगठन में काम करती थी. वहां का एक्सपीरियेंस अच्छा रहा. जब झारखंड में आये, तो देखा कि माओवादी संगठन की स्थिति अराजक है. यहां संगठन की नीति के विरुद्ध काम चल रहा था. इससे संगठन को नुकसान हो रहा था. महिलाओं का संगठन में शामिल कुछ लोग शोषण करते हैं.
वहीं सुधाकरण ने कहा कि बाहर से बहुत लोग संगठन को समर्थन करते हैं. लेकिन पार्टी के अंदर रहकर नहीं करते. मैंने पार्टी के दूसरे काम के लिए 20 लाख रुपये एक व्यक्ति को दिया था. साथ में मेरा भाई भी था. पुलिस ने रांची में उसको पकड़ लिया और कहा कि लेवी का पैसा घर भेजा जा रहा था. इस बाबत प्राथमिकी भी दर्ज की गयी. मैंने सारी बातें संगठन के समक्ष रखी थी. संगठन की मजबूती पर कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन पहले से कमजोर जरूर हुआ है. बावजूद दूसरे प्रदेशों की तुलना में दंडकारण्य क्षेत्र मजबूत है. इसकी समीक्षा हुई है. संगठन की मजबूती को लेकर रणनीति बनायी गयी है.
