विश्वविद्यालय में विभाग को इकाई बना 13 प्वांइट रोस्टर के आधार पर बहाली का किया गया विरोध
रांची : बाबा बेंक्वेट हॉल, डोरंडा में ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन (आमया) की बैठक में अध्यक्ष एस अली ने कहा कि अनुच्छेद 16(4) के तहत सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों काे आरक्षण द्वारा प्रतिनिधित्व दिया गया है.
लेकिन नियामक संस्था व संवैधानिक संस्थाओं पर काबिज पिछड़ा विरोध मानसिकता वाले लोग नयी रणनीति बनाते रहते हैं. इसी के तहत विश्वविद्यालय स्तर पर 200 प्वाइंट रोस्टर के आधार पर होनीवाली बहालियों को समाप्त कर विभाग को इकाई का बना 13 प्वांइट रोस्टर के आधार पर बहाली की जा रही है़ इसके कारण आरक्षित वर्ग के पद या तो समाप्त कर दिये गये हैं या नाममात्र के हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की, कि 200 प्वांइट रोस्टर लागू करने के लिए अध्यादेश लाया जाये़
इस बैठक में जियाउद्दीन अंसारी, नौशाद आलम, तनवीर आलम, रहमतुल्लाह अंसारी, शाहिद अफरोज, इस्मे आजम, इमरान अंसारी, लतीफ आलम, मौलाना फजलूल कदीर, अफताब आलम, अबरार अहमद, अरशद जिया, मोद्दसिर अहरार, नसीम अंसारी, अमीन अंसारी, अदीब असरफ, रमजान कुरैशी, मो सईद व अन्य शामिल थे़
20%अल्पसंख्यकों के लिए बजट में सिर्फ 0.2%का प्रावधान
एस अली ने कहा कि 20 प्रतिशत आबादीवाले अल्पसंख्यकों को बजट में मात्र 0.2 फीसदी ही दिया गया है़ कम बजट के साथ ही योजना राशि में भी कटौती कर दी गयी है़
पिछले वित्तीय वर्ष में स्कॉलरशिप के लिए 1269 करोड़ आवंटित थे, जिसे वर्तमान वित्तीय वर्ष में घटा कर 1100 करोड़ कर दिया गया है़ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के पिछले वर्ष की राशि 165 करोड़ को घटा कर 60 करोड़ कर दिया गया है़
मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए पिछले वर्ष 123.76 करोड़ रुपये का आवंटन था, जिसे घटा कर 70 करोड़ कर दिया गया है़ वहीं, विदेश में अध्ययन के लिए पिछले वर्ष शिक्षा ऋण सब्सिडी 45 करोड़ को घटा कर 30 करोड़ कर दिया गया है़
