रांची : चान्हो के सिटी गांव में ग्रामीणों ने डीएफओ, रेंजर और फॉरेस्टर को आधे घंटे तक बनाये रखा बंधक

ग्रामीण 428 एकड़ जमीन पर अपनी दावेदारी जताते हुए उक्त भूमि में वन संवर्धन व वनरोपण का कार्य नहीं करने की मांग पर अड़े हैं चान्हो/रांची : चान्हो थाना क्षेत्र के सिटी गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने रास्ता अवरुद्ध कर वन विभाग के डीएफओ, रेंजर व फॉरेस्टर को आधे घंटे तक बंधक बनाये रखा. […]

ग्रामीण 428 एकड़ जमीन पर अपनी दावेदारी जताते हुए उक्त भूमि में वन संवर्धन व वनरोपण का कार्य नहीं करने की मांग पर अड़े हैं
चान्हो/रांची : चान्हो थाना क्षेत्र के सिटी गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने रास्ता अवरुद्ध कर वन विभाग के डीएफओ, रेंजर व फॉरेस्टर को आधे घंटे तक बंधक बनाये रखा. ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग के पदाधिकारी गांव की वन सुरक्षा समिति को सूचना दिये बगैर जंगल की ओर गये थे.
वहां अपनी मर्जी के अनुसार काम कराने का प्रयास कर रहे थे. बाद में सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर वहां से वन विभाग के पदाधिकारियों को बाहर निकाला. घटना दोपहर करीब 2.30 बजे की है.
बताया जाता है चान्हो के चलियो मौजा में वन विभाग की 2800 एकड़ अधिसूचित वन भूमि है. इसमें वन विभाग की ओर से वन संवर्धन व वनरोपण के कार्य की शुरुआत की गयी है. इसी वनभूमि में सलया टिकरा नामक एक टोला भी है.
वहां रहने वाले लोग करीब 428 एकड़ जमीन पर अपनी दावेदारी जताते हुए उक्त भूमि में वन संवर्धन व वनरोपण का कार्य नहीं करने की मांग पर अड़े हुए हैं. इसको लेकर पूर्व में वन विभाग व ग्रामीणों की कई दौर की बैठक हो चुकी है. बैठक में सलया टिकरा टोला को छोड़ चलियो मौजा के समस्त ग्रामीण समूचे 2800 एकड़ वन भूमि में वन संवर्द्धन व वनरोपण कराने के पक्षधर हैं.
इसके लिए जंगल में गड्ढे की खुदाई का कार्य भी शुरू हो चुका है. इधर, तीन दिन पूर्व सलया टिकरा में खोदे गये गड्ढे को किसी ने समतल कर दिया है. गुरुवार को ग्रामीणों को सूचना मिली कि वन विभाग के डीएफओ सबा आलम अंसारी, रेंजर संजय कुमार व फॉरेस्टर सोमेश्वर उरांव इसी वन भूमि में हो रहे कार्यों के निरीक्षण के लिए गये हैं. वहीं से वापसी के क्रम में सिटी गांव के निकट ग्रामीणों ने रास्ते को बांस बल्ली से अवरुद्ध कर उन्हें रोक दिया और अपने घेरे में ले लिया.
ग्रामीणों का कहना था कि जंगल की देखरेख के लिए गांव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 18 सदस्यीय समिति बनी हुई है. पूर्व में जब यहां दिक्कत थी, तो ग्रामीणों ने ही सहयोग कर मामले का निबटारा किया था. अब वन विभाग के पदाधिकारी सुरक्षा समिति के लोगों को किसी प्रकार की सूचना दिये बगैर पिछले दो-तीन दिन से जंगल में आना-जाना कर रहे हैं.
वहां क्या हो रहा है, ग्रामीणों को इसकी जानकारी भी नहीं दे रहे हैं. घेरे में लेने के बाद वन विभाग के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. चान्हो पुलिस के पहुंचने के बाद ग्रामीण शांत हुए.

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