रांची : झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष कमाल खां ने कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना़ उन्होंने कहा कि हमलोग सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं, उसके बाद हमारा कोई धर्म है़ कोई भी धर्म एक-दूसरे का विरोध कभी नहीं करता और न ही दूसरे धर्म वालों से बैर रखने की इजाजत देता है़
उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों खास कर मुस्लिमों को पूर्ण रूप से साक्षर करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है़, लेकिन मुस्लिम समाज के अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है़ वे रविवार को डोरंडा के रहमत कॉलोनी के अतिउल्ला इनक्लेव में झारखंड लोक कल्याण समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे़
कार्यक्रम में पलामू के डीआइजी विपुल शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि लोग अभिव्यक्ति के अधिकार को नहीं जानते और अपनी समस्या को सही जगह तक नहीं पहुंचा पाते, जिस कारण कई बार पीछे रह जाते हैं. उन्होंने पत्रकारों के संदर्भ में कहा कि जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि. कार्यक्रम में अपने क्षेत्र में ईमानदारी पूर्वक कार्य करनेवाले कर्मठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया़ कमाल खां व विपुल शुक्ला ने पत्रकारों व अन्य लोगों को सम्मानित किया़
इस अवसर पर झारखंड लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष असगर अली ने कहा कि समिति द्वारा यह पहला सम्मान समारोह है, उन्होंने कहा कि पत्रकार देश के चौथे स्तंभ होते हैं. पत्रकार विपरीत परिस्थिति में ईमानदारी पूर्वक कार्य करते हैं. समिति ने हर वर्ष ईमानदार व कर्मठ पत्रकारों को सम्मानित करने का बीड़ा उठाया है़ इस अवसर पर समिति के सचिव सुबोल कुमार गुप्ता ने कहा ठुठरती रातों में जब लोग रजाई में आराम से साेये रहते हैं, पत्रकार न्यूज कवर करने के लिए दूर तक जाते हैं, ताकि लोग देश में घट रही घटनाओं के संबंध में जान पाये़ं
जिन्हें सम्मानित किया गया : प्रभात खबर के पत्रकार अजय दयाल, हिंदुस्तान के मो आदिल, दैनिक जागरण के राजकुमार सिंह, दैनिक भास्कर के अासिफ नईम, हिंदुस्तान टाइम्स के संजय डे, खबर मंत्र के समीर हैजाजी, सहारा समय के मो नौसाद, कशिश के निलय सिंह, सरकार के संयुक्त सचिव व झासा के अध्यक्ष शाहिद अख्तर, डीआइजी विपुल शुक्ला, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के असरफ अंसारी को सम्मानित किया गया़ कार्यक्रम में अफजल अालम, विशाल कुमार, आलोक सिंह, हाजी मजहर, हाजी तौहिद, जमील अख्तर, समसुल होदा, मुर्तजा खान सहित भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं.
