रांची : सदन में शुक्रवार को प्लस टू में बाहरी लोगों को नियुक्त किये जाने का मामला उठा. इस मुद्दे पर विपक्षी विधायक दीपक बिरुआ, अरूप चटर्जी सहित कई विधायक कार्यस्थगन का प्रस्ताव लाये थे.
कार्यस्थगन के माध्यम से विधायकों का कहना था कि प्लट टू शिक्षक नियुक्ति में राज्य के बाहर के लोगों बहाल किया गया है. सरकार की नियोजन, स्थानीय नीति और आरक्षण नीति गलत होने के कारण यह सब हुआ है. यह मामला एक याचिका के माध्यम से कोर्ट में भी लाया गया है.
स्पीकर दिनेश उरांव ने कार्य स्थगन को अमान्य करते हुए कहा कि इस विषय पर अभी चर्चा संभव नहीं है. माले विधायक राजकुमार यादव का कहना था कि नियुक्ति असंवैधानिक है. मामला कोर्ट में है. स्पीकर ने कहा कि वह देखते हैं. वह खुद भी इस मामले पर बात करेंगे.
जेपीएससी मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग : कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग की. जेपीएससी की मुख्य परीक्षा 28 जनवरी को होने वाली है.
सदन में श्री भगत ने कहा कि जेपीएससी पीटी में आरक्षण सहित कई नियमों का पालन नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने इसको लेकर अनुशंसा की थी. अमर बाउरी की अध्यक्षता में कमेटी बनी.
कमेटी की रिपोर्ट आ गयी है. 14-15 में छात्रों ने फॉर्म भरा है, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं हुई है. सरकार मुख्य परीक्षा को रद्द करे. विधायक ने कहा कि मंत्री अमर बाउरी ने खुद कहा है कि जेपीएससी में जब वह परीक्षा दे रहे थे, तो उनसे भी नौ लाख रुपये मांगे गये थे.
