रांची : स्वास्थ्य विभाग और एनएचम की चार सदस्यीय टीम ने बुधवार को रिम्स का दौरा किया. टीम डेंटल कॉलेज में डेंटल चेयर और मोबाइल डेंटल वैन की खरीद की जांच के लिए पहुंची थी. टीम ने सबसे पहले पर्चेज कमेटी में शामिल लाेगों के साथ निदेशक सभागार में बैठक की.
टीम ने पूछा कि जिस समान की कीमत बाजार में कम है, उसे अधिक कीमत में क्यों खरीदा गया? कमेटी के सदस्यों ने टीम को बताया कि उपकरण की लागत के साथ उसका एनुअल मेंटेनेंस कॉस्ट भी जुड़ा होता है, इसलिए कीमत बढ़ जाता है. इस पर, टीम ने कहा कि ये सारी शर्तें मान ली जायें, तो भी उपकरण की कीमत बाजार मुल्य से तीन से पांचगुना नहीं बढ़ सकती है. इसके बाद टीम स्थल निरीक्षण के लिए डेटल कॉलेज भी गयी. टीम के साथ डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ पंकज गोयल भी शामिल थे. उन्होंने टीम को बताया कि उपकरण की खरीद मेरे कार्यकाल से पहले हुई है, इसलिए मुझे इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है.
मोबाइल वैन की नहीं हो सकी जांच : टीम ने मोबाइल डेंटल वैन की खरीदारी के पेपर की जांच की, लेकिन वैन और उसमें लगे उपकरण को नहीं देख पायी.
क्योंकि, वैन का चाबी ड्राइवर के पास था और वह छुट्टी पर था. टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि वह शनिवार को दोबारा जांच के लिए आयेंगे. सूत्रों की मानें, तो वर्ष 2015 में डेंटल वैन की खरीदारी के लिए निविदा निकाली गयी थी. करीब डेढ़ करोड़ में वैन की खरीदारी की गयी है.
