रांची : आइएसबीटी के लिए खादगढ़ा में जमीन चिह्नित करने पर आरआरडीए अध्यक्ष नाराज

उत्तम महतो नगर विकास विभाग को एक इंच भी जमीन नहीं देंगे : परमा सिंह रांची : नगर विकास विभाग ने इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के निर्माण के लिए कांटाटोली चौक स्थित खादगढ़ा में जमीन चिह्नित की है. विभाग यहां रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) की नौ एकड़ खाली पड़ी जमीन पर आइएसबीटी बनाना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 30, 2018 7:19 AM
उत्तम महतो
नगर विकास विभाग को एक इंच भी जमीन नहीं देंगे : परमा सिंह
रांची : नगर विकास विभाग ने इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के निर्माण के लिए कांटाटोली चौक स्थित खादगढ़ा में जमीन चिह्नित की है. विभाग यहां रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) की नौ एकड़ खाली पड़ी जमीन पर आइएसबीटी बनाना चाहता है.
लेकिन, विभाग के इस प्रस्ताव पर आरआरडीए अध्यक्ष परमा सिंह ने कड़ी आपत्ति जतायी है. प्रभात खबर से विशेष बातचीत में श्री सिंहने कहा : किसी भी हाल में नगर विकास विभाग को हम एक इंच भी जमीन नहीं देंगे. अगर यह जमीन हमने विभाग को सौंप दी, तो आरआरडीए का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा.
आरआरडीए अध्यक्ष की मानें, तो प्राधिकार ने खादगढ़ा बस स्टैंड निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन रांची नगर निगम को दी थी. लेकिन, इसके एवज में एक फूटी कौड़ी भी अब तक न तो सरकार से मिली और न ही नगर निगम से. आज हमारी ही जमीन पर बने बस स्टैंड का टेंडर करके नगर निगम हर साल डेढ़ करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त कर रहा है.
आरआरडीए भी बना सकता है आइएसबीटी
श्री सिंह ने कहा कि नगर विकास विभाग हमारी जमीन लेकर जुडको को देगा और जुडको उस पर आइएसबीटी का निर्माण करायेगा. भला आरआरडीए की संपत्ति पर जुडको क्यों काम करायेगा?
अगर नगर विकास विभाग को लगता है कि आइएसबीटी का निर्माण जरूरी है, तो वह काम आरआरडीए को ही दे. हम उन्हें वैसा ही आइएसबीटी बनाकर देंगे, जैसा वे चाहते हैं. अगर आरआरडीए आइएसबीटी का निर्माण करायेगा, तो इससे कम से कम आइएसबीटी पर आरआरडीए का स्वामित्व तो बना रहेगा. अध्यक्ष ने कहा कि एक बात मेरी अब तक समझ में नहीं आयी कि हर काम जुडको को ही क्यों सौंपा जाता है. जबकि, जुडको के पास पहले से ही सैकड़ों काम पेंडिंग हैं. एक भी काम जुडको का दिखा दें, जो धरातल पर उतर गया हो.
आरआरडीए को पंगु बनाने में लगा विभाग
आरआरडीए अध्यक्ष ने कहा कि हमने अभियंताओं की कमी को देखते हुए कई बार नगर विकास विभाग को पत्र लिखा. लेकिन, अभियंताओं की पोस्टिंग यहां नहीं की गयी. थक-हारकर हमने संविदा पर अभियंता बहाल करने का निर्णय लिया. विभाग ने इस पर भी अड़ंगा लगा दिया. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट निर्माण के लिए विभाग से जमीन मांगी गयी. लेकिन, विभाग से हमें किसी प्रकार की मदद नहीं मिली.