रातू : किसान अधिकार मंच की बैठक बुधवार को प्रखंड मुख्यालय में हुई. बैठक में झारखंड सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपया प्रति क्विंटल घोषित करने का विरोध कर धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गयी. ओम प्रकाश तिवारी ने कहा कि धान का घोषित समर्थन मूल्य लागत पूंजी से काफी कम है व धान क्रय की प्रक्रिया काफी जटिल है. झारखंड सरकार के अनुसार धान क्रय केंद्र में देने के 15 दिन बाद राशि का भुगतान होगा. लेकिन जो प्रक्रिया बनायी गयी है उससे भुगतान में 45 से 60 दिन का समय लगेगा.
ऐसी हालत में किसानों को सरकारी क्रय केंद्र में धान बेचना असंभव होगा. अध्यक्षता महावीर विश्वकर्मा ने की. बैठक में रामनंदन महतो, शमीम मंसूरी, गोयंदा उराव, अबुलअंसारी, पावइरुश तिर्की, विमलेश कुमार, विष्णु भगत, परमेश्वर महतो, महफूज आलम, जीतराम लोहरा आदि मौजूद थे.
