रांची : राज्य सरकार ने आठ जून 2017 को पलामू के सतबरबा ओपी क्षेत्र के बकोरिया में हुए कथित मुठभेड़ मामले में हाइकोर्ट द्वारा सीबीअाइ जांच का आदेश दिये जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है. इस फैसले के आलोक में विधि परामर्शी मनोज कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के स्थायी सलाहकार तपेश कुमार सिंह को पत्र भेजा है.
पत्र में कहा गया है कि रिट पीटिशन संख्या 312/16 जवाहर यादव बनाम राज्य सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एलपीए दायर करना है, इसलिए अनुरोध है कि सुप्रीम कोर्ट में झारखंड सरकार की ओर से एलपीए दायर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें. इस मामले में अागे की कार्रवाई के लिए गृह कारा विभाग, रांची से संपर्क स्थापित करें.
इस पत्र के साथ स्थायी सलाहकार तपेश कुमार सिंह के पास वकालातनामा भी भेजा है. ताकि यथाशीघ्र एलपीए दायर किया जा सके.
22 अक्तूबर को दिल्ली में दर्ज हुआ था केस : बता दें कि 22 अक्तूबर 2018 को हाइकोर्ट के आदेश के आधार पर 19 नवंबर को दिल्ली सीबीआइ की स्पेशल क्राइम ब्रांच संख्या-1 ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की कार्रवाई शुरू कर दी है.
पलामू पुलिस के बाद मामले की जांच सीआइडी ने 2015 में टेकओवर किया था. करीब ढाई साल मामले की जांच के बाद जून 2018 में सीआइडी ने मुठभेड़ को सही बताते हुए पलामू कोर्ट में अंतिम जांच प्रतिवेदन दाखिल कर दिया था. बकोरिया कांड में भाकपा माओवादी संगठन के दो नक्सलियों सहित 12 लोग मारे गये थे.
क्या था हाइकोर्ट का आदेश : कोर्ट ने 22 अक्तूबर को अपने आदेश में कहा था कि राज्य की पुलिस और सीआइडी जैसी जांच एजेंसियों पर से लोगों का विश्वास डिग रहा है.
उस विश्वास को कायम करने, उसे वापस लाने के लिए मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है. इसलिए मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी जाती है. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने प्रार्थी जवाहर यादव की क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिये थे.
